
क्षेत्र के मियों का बाड़ा गांव में शनिवार शाम नागौर के दो बच्चे बिलखते हुए मिले। ग्रामीणों ने उनसे पूछा तो उन्होंने एक वैन चालक के अगवा करने की बात बताई। इस पर सूचना पुलिस को दी। स्कूल का नाम व पता बताने पर पुलिस ने संचालक को बच्चों की जानकारी दी। रविवार को परिजनों के समदड़ी पहुंचने पर पुलिस ने दोनों बच्चों को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार छात्र किशन (10) पुत्र ओमप्रकाश रेगर निवासी रेण तहसील मेड़ता व सचिन (12) पुत्र हेमाराम नायक निवासी छोटी आतरोली तहसील डेगाना जिला (नागौर) आदर्श बाल शिक्षण संस्थान रेण जिला (नागौर) में 5वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। बच्चों ने बताया कि शनिवार दोपहर वे शौच के लिए विद्यालय से बाहर आए तो एक वैन चालक ने उन्हें जबरदस्ती अंदर बैठा दिया। विरोध करने पर उसने डरा-धमकाकर चुप करवा दिया। शाम को वे मियों का बाड़ा गांव पहुंचे तो चालक से लघुशंका करने को कहा। इसके बाद उन्होंने वापस वैन में बैठने से मना कर दिया। चालक के जबरदस्ती करने पर रोने लगे। इस दौरान ग्रामीणों के आने की भनक पर चालक उन्हें छोड़कर भाग गया।
नहीं चला वास्तविकता का पता
छात्रों ने अपहरण की बात बताई, जबकि परिजनों का कहना है कि वैन में इतनी दूरी तक छात्रों को लाना संभव नहीं है। विद्यालय से कुछ दूरी पर ही रेण रेलवे स्टेशन है, शायद छात्र वहां से रेलगाड़ी में सवार होकर पहुंचे हों। वहीं छात्रों के सहमी हुई हालत में होने से वास्तविकता का पता नहीं चल पाया।
मिले दो बच्चे
मियों का बाड़ा गांव के पास दो छात्र मिले थे। पूछताछ में दोनों ने अगवा करने की बात कही। दोनों के परिजनों को सूचित किया गया। रविवार दोपहर बाद दोनों के परिजनों को मियों का बाड़ा गांव पहुंचने पर उन्हें सुपर्द किया गया।
- भंवरसिंह पोकरना, थानाधिकारी
Published on:
08 Feb 2016 01:29 am
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