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Aaj Ka Rashifal 3 June : जानिए क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ
अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक तीन है और भाग्यंक 7 है। इसके मायने यह है कि आज के दिन में जहां एक ओर धन से संबंधित कार्यों के लिए विशेष ऊर्जा उपलब्ध रहेगी। वहीं ज्ञान और अध्यात्म से जुड़े क्षेत्र के लिए भी थोड़ी प्रयास से अधिक सफलता मिलने के योग उपलब्ध रहेंगे। आज के मूलांक में बृहस्पति ग्रह की ऊर्जा उपलब्ध होने से सकारात्मक दृष्टिकोण रखने पर सामूहिक चेतना से जुड़े भविष्य की योजनाएं बनाने से संबंधित विचार विमर्श के कार्यक्रम सफल होने की अच्छी संभावना दिखाई देती है। मूलांक 1,2,3,5,6,7 के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला रह सकता है। वहीं मूलांक 4 8 और 9 वालों के लिए संभल कर चलने का दिन रहेगा।

टैरो कार्ड के अनुसार आज का कार्ड द इंप्रेस के साथ फॉर ऑफ वेंड्स है। इसके मायने हैं कि आज का दिन आध्यात्मिक चेतना की उन्नति प्रकृति के साथ तारतम्य और आप पर निर्भर लोगों के प्रति दया करुणा और जिम्मेदारी के भाव के साथ संभाल से जुड़ा है। सभी को साथ लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पिछले चीजों से सबक लेते हुए, आगे बढ़ने को प्रेरित करने की संभावना तलाशने का दिन है। टैरो कार्ड संदेश देते हैं कि जितनी अधिक करुणा और सदाशयता आप लोगों के प्रति दिखाएंगे उतना ही यश, कीर्ति और आध्यात्मिक रूप से उन्नति का मार्ग अपने लिए खोल पाएंगे।

सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्यस्थल पर उन लोगों के लिए बेहतर दिन है जो लगभग सभी लोगों के साथ सहयोगात्मक कार्य करते हैं। सम्मान और धन दोनों मिलने के संयोग बन रहे हैं। ऐसी योजनाओं पर कार्य करने के अवसर भी बन रहे हैं जहां उनकी योग्यता और अनुभव को विशेष प्राथमिकता मिले। उच्च अधिकारी आज किसी खास काम के लिए एक ऐसा कोर ग्रुप बनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं जो सकारात्मक कार्य करते हुए निश्चित परिणाम ला सकते हों। एरीज, टौरस, लिओ, स्कॉर्पियो और एक्वेरियस आज विशेष रूप से लाभान्वित हो सकते हैं।


मूनसाइन के अनुसार आज भावनात्मक रूप से संभल के चलने का दिन है। आपके निश्चल और ईमानदार प्रयासों को चतुर लोग अपने हित में काम में लेने का प्रयास करेंगे। आर्थिक और भावनात्मक रूप से सजग रहने की आवश्यकता रहेगी। नए संबंधों और नए व्यवसाय के जुड़ाव के प्रति संतुलित तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

कैसा रहेगा इस सप्ताह आपका रिश्ते संबंधो का राशिफल?
रिश्ते संबंधों के लिए आज से आने वाला सप्ताह बहुत सकारात्मक रहने की संभावना है। सप्ताह के प्रथम 2 दिन नए रिश्ते में विश्वास और आपसी सहयोग की भावना बढ़ेगी। एक दूसरे को आर्थिक और भावनात्मक सहयोग देते हुए विचारों और कार्यों को समझने परखने का मौका मिलेगा। सप्ताह का मध्य भाग व्यस्त था या अन्य प्रकार के जिम्मेदारियों को निभाने के कारण थोड़ी दूरी की संभावना को दर्शा रहा है। सप्ताह के अंत में किसी खास विचार पर अंतर्विरोध सामने आने पर मन में थोड़ी निराशा हो सकती है लेकिन आपसी विचार विमर्श और मुद्दों के स्पष्ट होने के बाद फिर से विश्वास बहाल हो सकता है।

आपका सवाल
प्रश्न: हिंदू धर्म में सिखा (चुटिया) रखने के पीछे क्या कारण है?
उत्तर: सनातन संस्कृति में शिखा रखना एक महत्वपूर्ण धार्मिक लक्षण है। यह अनिवार्य रूप से रखा जाना चाहिए। ऐसा विधान है जो लोग यज्ञ एवं कर्मकांड से जुड़े हुए होते हैं उन्हें आवश्यक रूप से शिखा रखनी होती है। जब किसी शिशु का मुंडन संस्कार होता है तो 1 वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले या तृतीय और पंचम वर्ष में जब मुंडन होता है तभी शिखा रखने का प्रावधान है। यह हमारे सहस्त्रार चक्र के ऊपर अवस्थित होती है। ऐसा माना जाता है की बुद्धि, मन और शरीर तीनों के विकास के लिए और ईश्वर से सीधे संबंध स्थापित करने के लिए शिखा रखना अनिवार्य रूप से आवश्यक है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो आयुर्वेद के ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख है की जहां शिखा का स्थान निर्धारित किया गया है वहां स्थान संपूर्ण नाड़ियों और संधियों का मेल होता है। ज्ञानेंद्रियां और कर्मेंद्रियों की शक्ति को संतुलित करने में मस्तिष्क का जो स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है वहां पर शिखा रखना और उस स्थान को लगातार स्वच्छ रखना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यावश्यक बताया गया है।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष-कार्य की व्यस्तता में परिवार पर ध्यान नही दे पा रहे हैं। समय निकाल कर निजी जीवन पर ध्यान दें। माता के स्वास्थय की चिंता रहेगी। दूसरों के कार्यों में दख़ल देना बंद करें। यात्रा सम्भव है।

वृषभ- अपने व्यवहार को नम्र करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। धर्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। ज़मीन जायदाद के मामलों में अपने पार्टनरों से धोखा मिलने के आसार हैं। सतर्क रहें पिता के अधूरे कार्य पूरे करेंगे।

मिथुन- पुराने विवादों से निजात मिलेगा। अपने कर्मचारियों पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर मशीनरी की ख़राबी कार्यों को बाधित कर सकती है। आर्थिक लाभ के योग हैं।

कर्क- दिन व्यस्तता पूर्ण रहेगा। संतान के परिणय से सम्बंधित रुकावट दूर होगी। नौकरी में तबादले के साथ पदोनन्नती होगी। महमानों का आगमन आनंद प्रदान करेगा। खर्च बढ़ेगा।

सिंह- बिना बात के क्रोध कर रहे हैं। स्थिती को समझें फिर निर्णय लें। भूलवश हुई गलती का भुगतान करना होगा। दोस्तों की मदद करनी होगी। घर की साज सज्जा पर खर्च होगा।

कन्या- नौकरी में आ रही परेशानी दूर होगी। जीवनसाथी की भावना की कद्र करें। संतान की उन्नति से विरोधी परास्त होंगे। व्यवसाय विस्तार में आर्थिक मदद सहायक होगी। अध्यन में रुचि बढ़ेगी।

तुला- अपने काम के साथ साथ निजी शोक को भी पूरा करें। संतान के केरियर को ले कर असमंजस्य की स्थिति बनेगी। करोबार में मनन लगने से स्थिति बिगड़ सकती है। ध्यान देने की ज़रूरत है।

वृश्चिक- हिम्मत न हारें और आगे बढ़ें। समय आप का भी आएगा। मन में चीजों को ले कर कई विचार आएंगे। आजीविका में वृद्धि होगी। घर के बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ में कमी आएगी।

धनु- बिना सोचे समझे कार्य को करने से बचें। जीवन साथी के साथ समय व्यतीत होगा। मनोरंजन के कार्यों में दिन बीतेगा। प्रेम प्रसंग में सफलता मिलने के आसार हैं। आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की ज़रूरत है।

मकर- मानसिक तनाव हावी रहेगा। आप सब के लिए सोचते हैं पर आप का कोई ध्यान नही रखता। अपनो से स्नेह की कमी सी लगेगी। धार्मिक आयोजनों की भूमिका बनेगी। आर्थिक पक्ष मज़बूत रहेगा।

कुम्भ- अपने व्यवहार को सुधारें। निजी स्वार्थ के लिए दूसरों का नुक़सान न करें। माता पिता के मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। समय रहते बिगड़े संबंधो को सुधारें। न्याय पक्ष मध्यम रहेगा।

मीन- कार्यस्थल पर सहकर्मियों से मन मुँटाव होगा। विवाह योग्य जातकों के लिए समय उपयुक्त है। मानसिक तनाव रहेगा। पेट सेसम्बंधित रोग से पीड़ित रहेंगे। वाहन सुख सम्भव है।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: जिल्काद-13
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: ग्रीष्म
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल

शुभ मुहूर्त: आज अनुराधा नक्षत्र में यथाआवश्यक विवाह, विद्यारम्भ तथा नींव का गृह-प्रवेश के अतिआवश्यकता में (भद्रा पूर्व रिक्ता तिथि दोष युक्त) मुहूर्त है। चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि पूर्वाह्न 11-17 बजे तक, तदन्तर पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जायेगी। चतुर्दशी अग्नि विषादिक असद् कार्य, बन्धन व शस्त्रादि दूषित कार्य सिद्ध होते हैं। शुभ कार्यादि वर्जित है। पूर्णिमा तिथि में विवाहादि सभी मांगलिक कार्य, अलंकार, प्रतिष्ठा व यज्ञादि कार्य शुभ हैं।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज प्रात: 7-19 बजे से प्रात: 9-01 बजे तक शुभ तथा दोपहर 12-25 बजे से सायं 5-31 बजे तक क्र मश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-57 बजे से दोपहर 12-52 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: प्रात: 9-00 बजे से प्रात: 10-30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

चंद्रमा: चंद्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि वृश्चिक राशि में है।

नक्षत्र: विशाखा ‘‘मिश्र व अधोमुख’’ नक्षत्र प्रात: 6-16 बजे तक, तदुपरान्त अन्तरात सूर्योदय पूर्व प्रात: 5-03 बजे तक अनुराधा ‘‘मृदु व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। इसके बाद ज्येष्ठा ‘‘तीक्ष्ण व तिङकर्यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। अनुराधा नक्षत्र में विवाह, जनेऊ, यात्रा, सवारी, वस्त्र-अलंकार, घर व अन्य सभी चर-स्थिर कार्य करने योग्य हैं।

योग: शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग दोपहर बाद 2-47 बजे तक, तदन्तर सिद्ध नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली दोष समूह नाशक शुभ योग प्रात: 6-53 बजे तक है।

करण: वणिज नामकरण पूर्वाह्न 11-17 बजे तक, तदन्तर रात्रि 10-14 बजे तक भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण व इसके बाद बव नामकरण है।

व्रतोत्सव: आज चान्द्र पूर्णिमा व्रत, मन्वादि चंपक चतुर्दशी (बंगाल), वट् सावित्री व्रत समाप्त (गुजरात) तथा गंडमूल प्रारम्भ अन्तरात 5-03 बजे से।

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (तो, न, नी, नू, ने, नो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि वृश्चिक है। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। इनका जन्म ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक विद्या, कला, काम-धन्धे में निपुण, धनवान, माननीय, साहसी, पराक्रमी स्वावलम्बी व सुन्दर व्यक्तित्व वाले होते हैं। इनका भाग्योदय कुछ विलम्ब से 32 वर्ष की आयु के बाद ही होता है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को अतिपरिश्रम व संघर्ष के बाद अल्प लाभ होगा। पारिवारिक परेशानियों के कारण मानसिक तनाव रहेगा।