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Labh Panchami 2020 Laxmi Puja व्यापार वृद्धि का दिन, नया कारोबार शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को लाभ पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। व्यापार के क्षेत्र में इस पर्व का खास महत्व है। व्यापारियों के लिए तो यह दिन बहुत शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि लाभ पंचमी पर व्रत—पूजन से कारोबार में वृद्धि होती है।

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Labh Pancham Puja Muhurat Lakheni Panchami Saubhagya Panchami

Labh Pancham Puja Muhurat Lakheni Panchami Saubhagya Panchami

जयपुर. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को लाभ पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। व्यापार के क्षेत्र में इस पर्व का खास महत्व है। व्यापारियों के लिए तो यह दिन बहुत शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि लाभ पंचमी पर व्रत—पूजन से कारोबार में वृद्धि होती है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार लाभ पंचमी पर व्रत रखकर लक्ष्मीजी के साथ भगवान शंकर, माता पार्वती और श्रीगणेशजी की भी पूजा करनी चाहिए। इस पर्व को ज्ञान पंचमी, लखेनी पंचमी, लाभ पंचम या सौभाग्य पंचमी भी कहा जाता है। इस शुभ अवसर पर विवाह तथा अन्य मांगलिक कार्यों के लिए खरीदारी करना अच्छा माना जाता है।

लाभ पंचमी यूं तो पूरे देश में मनाई जाती है लेकिन खासतौर पर गुजरात में यह पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। राज्य के कुछ हिस्सों में इसे गुजराती नव वर्ष के रूप में भी मनाते हैं। लाभ पंचमी पर्व की खुशी मनाने के लिए घरों और प्रतिष्ठानों को रोशनी से सजाया जाता है। रात में दीपावली की तरह खूब आतिशबाजी भी की जाती है।

लाभ पंचमी मुख्यत: व्यापारियों का पर्व है। इस पर्व पर व्यापारी शाम को अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकान खासतौर पर खोलते हैं। लाभ पंचमी के दिन बाजार में खरीदारी भी खूब की जाती है। इस अवसर पर नए काम की शुरुआत करना बहुत शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में नए व्यापारिक कार्यों और सौदों की शुरुआत की जाती है।

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