
जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 में प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए नई पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरे दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी अपनी ताकत बढ़ाने में लगे हैं। अब तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी में कुछ और शख्सियतें जुड़ गईं हैं। सोमवार को जयनारायण विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति लोकेश सिंह शेखावत ने भारत वाहिनी पार्टी के साथ नाता जोड़ते हुए उसकी सदस्यता ग्रहण की। शेखावत के साथ ही भारतीय सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी तिवाड़ी की पार्टी को ज्वाइन किया।
इन्होंने ज्वाइन की ‘भारत वाहिनी पार्टी‘
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी डॉ लोकेश कुमार शेखावत, रिटायर्ड आइएएस अतुल गर्ग, एडवोकेट धर्मपाल सिंह, शौर्य चक्र विजेता कर्नल रामेश्वर बेनीवाल व रिटायर्ड सूबेदार सतवीर सिंह वर्मा ने भारत वाहिनी पाटी की सदस्यता ग्रहण की।
इस दौरान भारत वाहिनी पार्टी के संस्थापक घनश्याम तिवाड़ी ने बड़ी राजनीतिक पार्टियों के टिकट वितरण के तौर तरीकों पर तंज कसते हुए कहा है कि कुछ नेताओं की दादागिरी से ही वहां सब मैनेज होता है। तिवाड़ी ने सोमवार को कहा, राजनीतिक पार्टियों में बॉसिज्म आ गया है, जहां एक बॉस टिकट तय करता है और फिर दिल्ली में बैठे पांच बॉस उस पर मुहर लगाते हैं, इससे अराजकता पैदा हो गई है। तिवाड़ी ने यह भी आरोप लगाया कि जिनके पास पैसा और पावर है वह टिकट पाने में सफल हो जाते हैं। तिवाड़ी ने यह भी कहा कि हम बड़ी पार्टियों के टिकट वितरण का इंतजार करेंगे और उसके बाद ही अपने प्रत्याशी तय करेंगे, साथ ही जो उनके निष्ठावान कार्यकर्ता वंचित रह जाएंगे उन पर भी हमारा बराबर ध्यान रहेगा।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े राजस्थान में सत्ताधारी भाजपा को तगड़ा झटका देते हुए छह बार विधायक रह चुके घनश्याम तिवाड़ी ने भाजपा से इस्तीफ़ा दे दिया था। तिवाड़ी ने पिछले चार साल से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ख़िलाफ़ बग़ावत का झंडा बुलंद कर रखा था, लेकिन पार्टी उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से कतराती रही थी।
Updated on:
05 Nov 2018 05:21 pm
Published on:
05 Nov 2018 03:51 pm

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