शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 426 सरकारी स्कूलों को महात्मा गांधी स्कूलों में रुपांतरित किए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं जबकि पहले से ही संचालित किए जा रहे 1623 इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ रहे तकरीबन 3.35 लाख विद्यार्थियों को अब तक दक्ष शिक्षक नहीं मिल पाए हैं।
यह है मामला
मामला दरअसल यह है कि बीते 4 सालों में राज्य सरकार 1623 सरकारी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में रूपांतरित कर चुकी है। इनमें वर्ष 2019 में 33, 2020 में 172 2021 में 786 और 2022 में 661 स्कूल शुरू किए गए। लेकिन इन स्कूलों के सफल संचालन के लिए 10 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा अब तक भी पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि अब इन इंग्लिश मीडियम स्कूलों को कांट्रेक्चुअल हायरिंग सिविल कोर्ट रूल्स 2022 के तहत भरे जाने का निर्णय लिया गया है और लेवल-1 के 7140 और लेवल-2 के अंग्रेजी, गणित के 2572 कुल 9712 पद पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं लेकिन जब तक यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होगा सेशन समाप्त हो चुका होगा।
इन जिलों में इतने स्कूल रूपां तरित
निदेशालय ने बुधवार देर रात अजमेर के 5, अलवर के 10, बांसवाडा के 4,बाडमेर के 13,भरतपुर के 16, बीकानेर के 13, भीलवाडा के 15, चित्तौडगढ के 5,चूरू के 20, बूंदी के 6 ,दौसा के 1, धौलपुर के 12, डूंगरपुर के 14 ,जयपुर के 22, श्रीगंगानगर के 15, हनुमानगढ के 19,
झुंझुनू के 6, जैसलमेर के 1,जोधपुर के 30, जालौर के 46, नागौर के 9, झालावाड के 3, पाली के 20, प्रतापगढ के 2, राजसमंद के 3, करौली के 5, सवाई माधोपुर के 8 , नागौर के 23, सीकर के 6,सिरोही के 6, राजसमंद के 6,टोंक के 4, सीकर के 34 और उदयपुर में 23 राजकीय स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित करने के निर्देश दिए हैं। इन स्कूलों का संचालन सत्र 2023 24 से शुरू किया जाएगा। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इन स्कूलों मे 2023 24 में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं को ही अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जाएगा। रूपांतरण से पूर्व स्कूल में जिस तृतीय भाषा का संचालन किया जा रहा था, अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरण के बाद भी स्कूल में उसी तृतीय भाषा का संचालन किया जाएगा। गौरतलब है कि इन स्कूलों का रूपांतरण मुख्यमंत्री की वर्ष 2021 22 की बजट घोषणा की अनुपालना में किया जा रहा है।
बजट में इंग्लिश मीडियम स्कूलों की घोषणा
इतना ही नहीं सरकार ने हाल ही में बजट में भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में और महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने की घोषणा और कर दी है। प्रदेश के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक 30 और कक्षा 6 से 8 तक 35 सीट पर एडमिशन होते हैं। हालांकि इन स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदन करने वालों की संख्या सीट से कई गुना ज्यादा रहती है। ऐसे में छात्रों का चयन लॉटरी के जरिए किया जाता रहा है। स्कूलों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य की बजट घोषणा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 2000 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाने की घोषणा की है।
शिक्षक कर रहे पद
वहीं शिक्षक संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि हिंदी मीडियम स्कूलों को कन्वर्ट ना किया जाए, उनका कहना है कि इससे हिंदी मीडियम के छात्र ड्रॉप आउट हो जाते हैं। शिक्षक नेता विपिन शर्मा ने कहा कि सरकार पहले से रिक्त शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति करे उसके बाद नए स्कूलों को रूपांतरित करना चाहिए।