
Camel smuggling is now a matter of concern, camels going to UP Bihar
जयपुर
बीकानेर में ऊंट ने अपने ही मालिक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में रेगिस्तान के जहाज ऊंट से लोगों में दहशत फैल गई है। माना गया है ऊंट को गुस्सा कम आता है। लेकिन इस तरह की घटना होने के बाद पशु विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने कहा कि इन दिनों में ऊंट को गुस्सा ज्यादा है। जिस कारण से वह इस तरह से खूंखार हो जाता है। हालांकि ऊंट खूंखार जानवरों की श्रेणी में नहीं आता है और इंसानों साथ उसका व्यवहार अधिकत्तर अच्छा ही होता हैं। पशु चिकित्सक डॉ.रवि शर्मा ने बताया कि यह दो माह ऊंट के लिए मैटिंग का सीजन होता है। मार्च और अप्रैल के महीने में मैटिंग का सीजन होने से ऊंट अधिक उत्तेजित रहता है। ऊंट के उत्तेजित रहने के कारण ही उसे गुस्सा जाता है और फिर आक्रमक हो जाता है। जिस कारण से ऊंट इंसानों पर भी हमला कर देता है। डॉ.शर्मा ने ने सलाह दी कि इन दो माह तक ऊंट को कम काम में लेना चाहिए। वहीं बच्चों व लोगों को इन दिनों में ऊंट से दूर रहना चाहिए। जिससे किसी भी तरह कि अनहोनी की आशंका को टाला जा सका। ऊंट को इन दो माह में गुस्सा आना उसकी स्वभाविक प्रवृति है इसे टालना मुश्किल होता है। इसलिए दो माह एहतियात ही बचाव है। गौरतलब है कि बीकानेर की लालगढ़ रेलवे काॅलाेनी में गुस्साए एक ऊंट ने अपने ही मालिक की गर्दन मुंह में दबाकर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था। यह खबर सामने आने के बाद से ही राजस्थान के अलग अलग जिलों में ऊंट पालने वाले पशुपालकों में दहशत और चिंता बनी हुई हैं।
Updated on:
16 Mar 2020 12:01 pm
Published on:
16 Mar 2020 10:12 am
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