
स्वस्थ परिवार की कल्पना को साकार करेंगे औषधीय पौधे: प्रो. गौड़
जयपुर,18 जुलाई। डॉ. एसआर राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर (Dr. SR Rajasthan Ayurved University Jodhpur) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर, वैद्य बनवारीलाल गौड़ का कहना है कि घर-घर औषधि योजना के तहत वितरित होने वाले औषधीय पौधों के उपयोग से स्वस्थ परिवार की कल्पना साकार हो सकती है। राजस्थान संस्कृत अकादमी, वन विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग (Rajasthan Sanskrit Academy, Forest Department and Art and Culture Department) की ओर से आयुर्वेदीय वनस्पतियां और स्वास्थ्य संरक्षण विषय पर आयोजित विशेष वार्ता में उन्होंने कहा कि औषधीय पौधें का उपयोग वैद्य से लेकर आमजन तक आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने तुलसी, अश्वगंधा और कालमेघ को वात, कफ और पित्त दोष में उपयोगी बताते हुए कहा कि गिलोय सभी औषधियों में अधिपति का स्थान इसलिए रखती है क्योंकि इसके उपयोग से कभी भी नुकसान नहीं होता है। इस अवसर पर वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास डॉ. दीप नारायण पांडेय ने औषधीय पौधों के रख.रखाव, उनके महत्व और उपयोग की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेशवासी अपने परिवार के साथ आने वाली पीढिय़ों के लिए भी औषधीय पौधों को उगाएं। औषधीय पौधों को संरक्षित करते हुए उन्हें अपने परिचितों में भी वितरित करें, तभी योजना और अधिक सार्थक सिद्ध हो सकेगी।
Published on:
18 Jul 2021 09:13 pm

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