जयपुर। प्रदेश में मानसून एक्सप्रेस पर मानों ब्रेक लग गए हैं। अगस्त के पहले पखवाड़े में मौसम शुष्क है और दिन में पारा 35 डिग्री के पार दर्ज हो रहा है। मौसम शुष्क रहने पर गर्मी फिर तीखे तेवर दिखा रही है वहीं उमस से भी लोग बेहाल हैं। बारिश के थमे दौर का असर नदियों में पानी की आवक पर भी पड़ने लगा है और बीसलपुर समेत प्रमुख बांधों में पानी की आवक भी अब धीमी पड़ने लगी है।
दूसरी तरफ मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन तक मौसम में बड़े बदलाव से इनकार किया है।
दिन में पारा उछला, गर्मी-उमस से बेहाल
प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन में पारा 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दिन में आसमान साफ रहने पर धूप के तेवर तीखे हो रहे हैं वहीं दोपहर में उमस से लोग बेहाल हैं। प्रदेश में इन दिनों चल रही पश्चिमी सतही हवा के असर से मौसम शुष्क बना रहा है। हालांकि बादलों की आवाजाही प्रदेश के कई जिलों में हो रही है लेकिन विंड पैटर्न में बदलाव नहीं होने से मेघ बिन बरसे ही दूरी बनाने लगे हैं।
मानसून की बेरूखी, फसलों पर भारी
पिछले माह तक लगातार जारी बारिश के दौर से किसानों ने मक्का, बाजरे की फसलों की बुवाई की। लेकिन अब बारिश नहीं होने और दिन के तापमान में हो रही बढ़ोतरी का दुष्प्रभाव अब फसलों पर पड़ने लगा है। आगामी कुछ दिनों में बारिश नहीं होने पर फसलों को नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं।
बीसलपुर बांध में पानी की आवक धीमी
जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में भी पानी की आवक अब धीमी पड़ गई है। हालांकि बांध में अब भी पानी की आवक तो हो रही है लेकिन वह बांध का जलस्तर बढ़ाने में कारगर साबित नहीं हो रही है। बांध से जयपुर शहर को रोजाना जलापूर्ति की जाती है जिससे बांध का जलस्तर रोजाना एक सेंटीमीटर तक कम होता है। अभी जलापूर्ति के बावजूद पानी की आवक से बांध का जलस्तर पिछले 4 दिनों से 314.01 आरएल मीटर पर टिका हुआ है। वहीं मानसून सुस्त रहने से त्रिवेणी में भी पानी का बहाव अब घटकर 2.70 मीटर दर्ज किया गया है। ऐेसे में आगामी दिनों में भारी बारिश का दौर नहीं होने पर बांध के छलकने की उम्मीदों को भी झटका लगना तय है। हालांकि मौसम विभाग ने अगस्त-सितंबर माह में भी प्रदेश में बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है।
जयपुर में मौसम शुष्क
राजधानी में रोजाना छितराए बादलों की आवाजाही रहने पर भी बारिश का दौर थमा रहा है। दिन में धूप की तीखी चुभन महसूस हो रही है तो रात में भी उमस से लोग बेहाल हैं। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर-एसी का उपयोग भी बढ़ गया है।