
जयपुर। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान अब सिरमौर बनने जा रहा है, प्रदेश में 1190 मेगावाट क्षमता की सोलर परियोजनाके लिए गुरूवार को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम(आरवीयूएनएल) और कोल इंडिया के बीच एमओयू हुआ। जयपुर एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल में आयोजित हुए समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय कोयल मंत्री प्रहलाद जोशी की मौजूदगी में एमओयू साइन हुए।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचिव उषा शर्मा सहित राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। दरअसल राज्य सरकार की ओर से थर्मल पॉवर प्लांटों में कोयले की बचत और प्रदूषण में कमी करने के लिए तथा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सरकारी उपक्रम राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को 2000 मेगावाट सोलर पार्क को विकसित करने का जिम्मा दिया गया है।
इसके लिए राज्य सरकार ने पूगल तहसील बीकानेर में 4846 हैक्टेयर भूमि आवंटित की है। इस पार्क में 810 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क राज्य विद्युत उत्पादन निगम की ओर से स्थापित किया जाएगा। साथ ही 1190 मेगावाट क्षमता की सोलर परियोजना कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से स्थापित की जाएगी।2000 हजार मेगावाट के सोलर पार्क विकसित होने से राजस्थान को भी इसका फायदा मिलेगा और बिजली संकट से जूझ रही प्रदेश की जनता को को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश की कोयले आधारित 23 थर्मल इकाइयों से 7580 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है। इन इकाइयों को कोयले की आपूर्ति कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न खदानों से पिछले 40 वर्षों से की जा रही है।
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Published on:
13 Oct 2022 01:50 pm
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