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एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन के लिए हुआ MOU

मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर एमयूजे और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी मोहाली ने संभावित एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन और संभावित स्टूडेंट इंटर्नशिप्स, ज्वॉइंट वर्कशॉप्स के आयोजन के साथ-साथ फैकल्टी मेंबर्स की ओर से ज्वॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Apr 20, 2022

एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन के लिए हुआ MOU

एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन के लिए हुआ MOU

एमयूजे ने इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी मोहाली के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए
एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन के लिए हुआ एमओयू
जयपुर। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर एमयूजे और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी मोहाली ने संभावित एक्टिव रिसर्च कोलेबोरेशन और संभावित स्टूडेंट इंटर्नशिप्स, ज्वॉइंट वर्कशॉप्स के आयोजन के साथ-साथ फैकल्टी मेंबर्स की ओर से ज्वॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस संबंध में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी मोहाली के निदेशक प्रोफेसर अमितवा पात्रा ने हाल ही में पोटेंशियल रिसर्च कोलेबोरेशन के लिए एमयूजे का दौरा किया। उन्होंने विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र के एमयूजे फैकल्टी मैंबर्स के साथ बातचीत की, जो केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैटेरियल साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी, एन्वायरमेंट और एनर्जी, और बायोलॉजिकल साइंस के क्षेत्र के साथ इसके संबद्ध विषयों पर काम कर रहे हैं।
फैकल्टी ऑफ साइंस की डीन प्रोफेसर ललिता लेदवानी ने उन्हें विश्वविद्यालय में चल रहे शोध कार्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न हाई-एंड रिसर्च प्रयोगशालाओं और उपकरण केंद्रों का भी दौरा किया। विभिन्न एमयूजे रिसर्च ग्रुप्स ने सामान्य हित के अनुसंधान क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए संभावित एक्टिव कोलेबोरेशन के लिए एक सक्रिय इंटरेक्टिव सत्र के दौरान अपने शोध कार्य को साझा किया। प्रो.पात्रा ने आईएनएसटीए मोहाली की विशेषज्ञता और सुविधाओं पर प्रकाश डाला और एमयूजे संकाय सदस्यों को संस्थान का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया साथ ही एक संयुक्त वैज्ञानिक कार्यशाला आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया।
एमयूजे के अध्यक्ष प्रो.जी के प्रभु ने गर्मजोशी से स्वागत किया और अंत:विषय अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस सफल सहयोग के लिए दोनों संस्थानों के फैकल्टी मेम्बर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दौरा इन दोनों संस्थानों के बीच एक अंत:विषय अनुसंधान संस्कृति विकसित करने में फायदेमंद होगी और संभावित रूप से राजस्थान के साथ भारत के भविष्य के अनुसंधान का नेतृत्व करेगी।