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जयपुर. रामगढ़ मोड़ स्थित कर्बला मैदान में चल रहे तीन दिवसीय तब्लीगी इज्तिमे (धार्मिक समागम) के दूसरे दिन रविवार को 190 जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। जयपुर समेत प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए जोड़ों के निकाह के दौरान न किसी तरह का बाजा बजा और न ही बारात आदि निकाली गई। सादे रस्मोरिवाज व बिना किसी दिखावे के उलेमा ने निकाह पढ़ाया। उलेमा ने शरीयत के अनुसार मेहर की रकम तय की। इस मौके पर जौहरी बाजार जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती सैयद अमजद अली ने कहा कि दिखावे के लिए लोग शादियों में अपनी जिंदगी की सारी कमाई खर्च कर देते हैं। निकाह नबी के तरीके के मुताबिक ही करें। शरीयत के खिलाफ रस्मों से बचें।
दीन तरक्की में रुकावट नहीं
इज्तिमे में देशभर के इस्लामी विद्वानों ने तकरीरें कीं। महाराष्ट्र से आए मौलाना गुफरान ने कहा कि दीन और दीन की मेहनत तरक्की में रुकावट नहीं है बल्कि आज की जरूरत है। जिस तरह विद्यार्थी को ध्यान से पढ़ाई करने से कामयाबी मिलती है, उसी तरह नमाज पढऩे से दुनिया और आखिरत में कामयाबी मिलती है। महफूज नासिर ने भी इज्तिमे को संबोधित किया। अब्दुल सलाम ने कहा कि इस्लाम सादा जिंदगी गुजारना सिखाता है। अपनी जरूरत के बाद बची हुई पूंजी को गरीबों पर खर्च करें।
Published on:
11 Feb 2020 01:00 am
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