
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि जैसलमेर और टोंक जिले में 100-100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता के नवीन मेडिकल कॉलेज खोले जाने के लिए निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इन्हें शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एनएमसी से अनुमति पश्चात् प्रारम्भ होगा। केन्द्रीय प्रवर्तित योजना के तहत पीजी पाठ्यक्रमों में 527 नवीन सीटों की चरणबद्ध रूप से वृद्धि भी एनएमसी की स्वीकृति उपरांत की जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6 संभाग मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इसके अतिरिक्त राजमेस सोसायटी के अंतर्गत 22 मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। आने वाले दिनोंं में प्रतापगढ़, राजसमंद एवं जालौर में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित किए जाएंगे।
इससे पहले विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा चिकित्सा महाविद्यालयों में निर्धारित शुल्क संरचना की निरंतर समीक्षा की जाती है। अंतिम शुल्क संरचना की समीक्षा वर्ष 2024 में की गयी है। उन्होंने शुल्क संरचना का विवरण सदन के पटल पर रखा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्रों को छात्रवृति दी जाती है। जिनमें राज्य एवं केन्द्र का अंश भी निहित है। उन्होंने छात्रवृतियों की जानकारी व मापदण्डों का विवरण सदन के पटल पर रखा।
Updated on:
06 Feb 2025 05:20 pm
Published on:
06 Feb 2025 05:20 pm
