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एक खत मां के नाम…

जन्म के बारह घंटे बाद ही बिसराया, कचरे के ढेर में फेंका

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एक खत मां के नाम...

एक खत मां के नाम...

- जवाहर सर्किल इलाके में मृत मिली नवजात

- श्वानों की निवाला बनाने की थी तैयारी -परिजनों की तलाश शुरू


मां,
आपको पता है, जब पहली बार मुझे आपके गर्भ में जिंदगी मिली थी, उसी दिन से मैंने अपने आपको सबसे ज्यादा भाग्यशाली मान लिया था। मैंने सोचा था कि जब मैं इस दुनिया में आउंगी तो मुझे देख आपका चेहरा खिल उठेगा। आप मुझे प्यार से गोद में उठाकर दुलार करोगी, मेरा माथा चूमोगी। पूरा परिवार खुशियों से झूम उठेगा। पूरा परिवार मुझे निहारेगा, मेरी नजरें उतारेगा। कोई कहेगा अरे इसे संभालकर उठाओ, कोई समझाएगा ऐसे गोदी नहीं लेते, ठीक से लो। मुझे दुआएं देंगे। आशीर्वाद देंगें। लेकिन ये क्या, मेरे जन्म पर पूरे घर में मातम सा छा गया। मुझे न किसी ने प्यार से देखा, न दुलारा। मैं टकटकी लगाए सबको देख रही थी, शायद मेरी मासूमियत देखकर किसी को मुझपर प्यार आ जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गोद की गर्मी मिलने की जगह मुझे गंदगी में फेंक दिया गया। जिस बच्चे को लोग पकड़े भी धोकर पहनाते हैं, उसे भूखे श्वानों और सूअरों के बीच फेंक दिया गया। जब मेरे कोमल शरीर में कांटे और गंदगी चुभी तो क्या बताउं मां, क्या बीती मुझपर। जब भूखे श्वान मेरी तरफ मुझे खाने को दौड़े तो सच बताउं मां मेरा दिल बैठ गया। मेरा कोमल शरीर वो दर्द और पीड़ा कहां झेल पाता। जब वो नुकीले दांत मेरे शरीर पर लगे तो मेरी सारी उम्मीदें खून बनकर बह गई। सांसें उखड़ गईं मेरी। ये खत आपके नाम इसलिए, क्योंकि आपसे मेरा रिश्ता नौ माह ज्यादा का है। खैर अलविदा।
कचरे में, नालियों में, पार्क की बैंचों और झाड़ियों में फेंका गया हर नवजात शायद अगर बोल पाता तो उसकी भावनाएं कुछ ऐसी ही होती। आए दिन शहर में नवजातों को फेंके जाने के मामले सामने आ रहे हैं। जबकी शहरभर में कई जगह पालनों की व्यवस्था है। कई मांएं हैं जो इन बच्चों को दुलार देने के लिए तरस रही हैं। कई पिता है जो उनका जीवन संवारना चाहते हैं। कई परिवार हैं, जो उनकी अठखेलियां देखकर खुश होना चाहते हैं।

आज फिर मिली नवजात

जयपुर के जवाहर सर्किल इलाके में आज सुबह खाली भूखंड में मृत नवजात मिलने से सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्ट्या पुलिस का मानना है कि परिजनों ने जन्म के बाद बच्ची को छुटकारा पाने के लिहाज से कचरे के ढेर में फेंका। 12 घंटे पहले जन्म की बात सामने आ रही है। पुलिस बच्ची फेंकने वालों की तलाश में जुट गई है।जानकारी के अनुसार सुबह वॉक पर निकले विनोभा नगर निवासी मनोज कुमार धौलीवाल ने मृत नवजात के बारे में पुलिस को सबसे पहले बताया। सूचना पर पहुंची जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने शव को राजकीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया। पुलिस के मुताबिक मनोज आज मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। जैसे ही वो खाली भूखंड के पास से गुजरे वहां श्वानों की हलचल देखकर रुक गए। ध्यान से देखा तो खाली भूखंड में कचरे का ढेर लगा था। जगह-जगह गंदगी और झाड़-झंखाड़ से पूरा भूखंड अटा हुआ था। श्वान आपस में लड़ रहे थे और कचरे के ढेर की ओर मुंह मार रहे थे। करीब जाकर देखा तो कपड़े में एक नवजात बच्ची लिपटी हुई थी। कुछ घंटे पहले जन्मीं बच्ची की मौत हो चुकी थी। उसकी गर्भनाल तक नहीं काटी गई थी। मनोज ने श्वानों को वहां से भगाया और पुलिस को इसकी सूचना दी। उधर, पुलिस का कहना है कि बच्ची के जन्म के बारे में आसपास के निजी और सरकारी अस्पतालों में जांच की जा रही है ताकि उसके परिजनों का पता लगाया जा सके। आसपास के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही है।

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