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नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ:  श्रेष्ठ संतान की कामना के लिए हवन कुंड में खीर से दी विशेष आहुतियां

आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में रविवार को नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। विश्व कल्याण की कामना के साथ यजमानों ने बारी बारी से यज्ञ देवता को आहुतियां अर्पित की।

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Nou Kundiya Gayatri Mahayagya

Nou Kundiya Gayatri Mahayagya

जयपुर. आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में रविवार को नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। विश्व कल्याण की कामना के साथ यजमानों ने बारी बारी से यज्ञ देवता को आहुतियां अर्पित की। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में हुए महायज्ञ को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के विद्वानों की टोली संपन्न करवाया।

वेद मंत्रों से गूंजा मंदिर परिसर

ठिकाना मंदिर श्री गोविंददेवजी के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि निशुल्क गायत्री महायज्ञ में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ दूसरे साधकों ने गोविंददेवजी, वेदमाता गायत्री और गुरु सत्ता का षोडशोपचार पूजन के बाद अग्नि प्रज्ज्वलित कर यज्ञ देवता को आहुतियां अर्पित की। महायज्ञ में गायत्री एवं महामृत्युंजय महामंत्र के अलावा सूर्य, रूद्र, शिव, नवग्रह मंत्रों से भी आहुतियां प्रदान की गई। रोग मुक्ति की कामना के साथ सूर्य व गायत्री मंत्र से आहुतियां प्रदान की गई। इस मौके पर कुंभ और हाल ही में दिल्ली में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए यम गायत्री मंत्र से विशेष आहुतियां प्रदान की गई। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। इस मौके पर प्रेरणादायी पुस्तकों की स्टॉल भी लगाई गई।

लगाई आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी प्रदर्शनी

इस बार का यज्ञ कई मायनों में विशेष रहा। कई गर्भवती महिलाएं भी यज्ञ में शामिल हुई। उनके गर्भस्थ शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए विशिष्ट मंत्रों से खीर से विशेष आहुतियां प्रदान की गई। इसके बाद उनका गर्भोंत्सव संस्कार कराया गया। इस मौके पर आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी अभियान की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें बताया गया कि यदि मां चाहे तो मनचाही संतान पैदा कर सकती है।