
जलदाय विभाग की कमान मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और सचिव डॉ. समित शर्मा के संभालते ही बीते दो वर्ष से सो रहे अधिकारियों की नींद आखिर टूट गई। मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) केडी गुप्ता ने जयपुर जिले में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) की पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। शाहपुरा और जिला वृत्त ग्रामीण द्वितीय डिवीजन में कहां-कहां लोहे की जगह प्लास्टिक के पाइप बिछाए गए और कहां-कहां घटिया सामग्री काम में ली गई है... इसकी जांच इंजीनियरों की टीम करेगी। इसके बाद जिले के अन्य डिवीजन में जांच होगी।
ये करेंगे जांच
- शाहपुरा में अधिशासी अभियंता प्रेमराज सैनी, सहायक अभियंता मनोज कुमार अग्रवाल और प्रशांत कुमार।
- जिला वृत्त द्वितीय में अधिशासी अभियंता भागचंद यादव, विवेक कुमार गुप्ता और नितेश राजपुरोहित।
अक्टूबर से दबी हुई थी जांच
जांच के लिए एनजेजेएम की टीम पिछले वर्ष सितंबर माह में जयपुर आई थी। इसके बाद अक्टूबर माह में जांच कर रिपोर्ट दी, लेकिन रिपोर्ट को दबा दिया गया। इस कारण गड़बड़ी करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। टीम ने कई स्थानों पर जांच कर लोहे की जगह प्लास्टिक के पाइप बिछाने, वित्तीय गड़बड़ी करने, बिना पाइप बिछाए भुगतान करने, पेयजल परियोजनाओं में निम्न गुणवत्ता का सीमेंट, कंक्रीट और सरिया काम में लेने की रिपोर्ट दी थी।
अधिकारियों व ठेकेदारों को चेताया था
विभाग के मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने पद संभालते ही दो टूक शब्दों में कहा था कि एनजेजेएम की पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं होगा। शिकायतों की जांच कर जिम्मेदार अफसरों और ठेकेदारों से रिकवरी की जाएगी। विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने भी कुछ दिन पहले हुई बैठक में अधिकारियों को चेताया था कि पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार अब सहन नहीं होगा।
दो वर्ष से मिल रहीं थी शिकायतें
एनजेजेएम में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें गुणवत्ता नियंत्रण शाखा को पिछले दो वर्ष से मिल रही थीं। अलवर जिले के तत्कालीन सांसद महंत बालकनाथ और राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी इस संबंध में विभाग के तत्कालीन एसीएस सुबोध अग्रवाल को पत्र लिखा था।
एक हजार करोड़ की पेयजल परियोजनाएं
जयपुर जिले में एनजेजेएम के तहत घर-घर जल कनेक्शन के लिए लगभग एक हजार करोड़ की पेयजल परियोजनाएं बनाई गई थीं। गांवों में पानी की टंकियों के निर्माण के साथ नलकूप भी खोदे गए थे। घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाए गए। कुछ इंजीनियरों ने पुरानी पाइप लाइनों को नई बता कर करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया।
जयपुर जिले में एनजेजेएम की परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए अभी दो टीम गठित कर दी हैं। अन्य डिवीजन की भी जांच होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद इंजीनियर और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
केडी गुप्ता, मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण), जलदाय विभाग
Published on:
17 Jan 2024 06:36 pm
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