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Guar Gum: ग्वार गम में अब और मंदी के आसार नहीं

औद्योगिक एवं एक्सपोर्ट मांग घटने से ग्वार एवं ग्वार गम के भावों में इन दिनों निरंतर गिरावट का रुख देखा जा रहा है। हालांकि इन भावों पर अब और मंदी के आसार नहीं हैं। जयपुर मंडी में जोधपुर डिलीवरी ग्वार गम के भाव 11000 रुपए प्रति क्विंटल से भी नीचे बोले जा रहे है।

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Guar Gum: ग्वार गम में अब और मंदी के आसार नहीं

Guar Gum: ग्वार गम में अब और मंदी के आसार नहीं

औद्योगिक एवं एक्सपोर्ट मांग घटने से ग्वार एवं ग्वार गम के भावों में इन दिनों निरंतर गिरावट का रुख देखा जा रहा है। हालांकि इन भावों पर अब और मंदी के आसार नहीं हैं। जयपुर मंडी में जोधपुर डिलीवरी ग्वार गम के भाव 11000 रुपए प्रति क्विंटल से भी नीचे बोले जा रहे है। दो-तीन सप्ताह के अंतराल में ग्वार गम में करीब 800 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। इसी प्रकार जोधपुर डिलीवरी ग्वार सीड के भाव 5600 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गए है। ग्वार की बिजाई कमजोर होने से इस वर्ष देश में ग्वार के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई है। देश में ग्वार की पैदावार 50 लाख बोरी के आसपास रह गई है। ग्वार के उत्पादन में मंदी का प्रमुख कारण पिछले कई सालों से लगातार ग्वार की कीमतों में नरमी बनी रहने के कारण किसानों का रुझान ग्वार की तरफ से हट गया है। फलस्वरूप देश में ग्वार सीड का उत्पादन कमजोर रहा। हालांकि देश में चालू सीजन के दौरान समय से पहले मानसून आने के कारण उत्पादक क्षेत्रों में ग्वार की बिजाई शीघ्र प्रारंभ हो जाएगी। वर्तमान में हाल ही में आई भारी गिरावट को देखते हुए आने वाले समय में ग्वार गम की कीमतों में मंदी की उम्मीद नहीं है। इंडस्ट्रियल डिमांड सुधरने तथा निर्यात मांग बढ़ने से ग्वार एवं ग्वार गम के भाव फिर से चढ़ने लगेंगे।

आर्थिक नुकसान की संभावना
ग्वार का व्यवसायिक उपयोग गोंद का निर्माण किया जाता है और ग्वार गम से अनेक उत्पाद बनाए जाते हैं। ग्वार की फसल का बीमारियों के अलावा कुछ कीड़ों का प्रकोप होता है। समय रहते इनका उपचार नहीं किया गया तो किसानों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।