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न्यूक्लियर मेडिसिन से चल सकेगा कैंसर का पता

- एसएमएस असपताल में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की होगी स्थापना

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जयपुर. शरीर में कैंसर का पता करने के लिए मरीजों को अब दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। सवाई मानसिंह अस्पताल में शरीर में कैंसर की जांच कर उसका इलाज करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह संभव हो सकेगा न्यूक्लियर मेडिसिन से। इसके लिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की स्थापना की जाएगी। बीस करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस विभाग में लिवर स्कैन, ब्रेन स्कैन, बोन स्केन और हार्ट से संबंधित स्टडी होगी। इसके अलावा थायरॉइड संबंधित बीमारियों का इलाज और निदान हो सकेगा। न्यूक्लियर मेडिसिन के द्वारा पूरे शरीर में कहीं भी कैंसर फैला हो इसकी जांच हो सकेगी। सवाई मानसिंह अस्पताल के रेडियोलॉजिकल फिजिक्स के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरुण चोगुले ने बताया कि पूरे शरीर में कैंसर का पता लगाना काफी मुश्किल काम है। ऐसे में काफी समय से न्यूक्लियर मेडिसिन की डिमांड की जा रही थी। अब न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग बनने से मरीजों को बाहर जांच करवाने नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही सस्ती दरों पर मरीज का इलाज होगा। गामा कैमरा के तहत शरीर में जहां-जहां कैंसर फैला है उसकी सूचना मिल जाती है।

दिल के मरीजों का इलाज भी हो सकेगा-
डॉ. चोगुले ने बताया कि न्यूक्लियर मेडिसिन के द्वारा हार्ट के मरीजों का भी इलाज और निदान आसानी से हो सकेगा। यदि किसी व्यक्ति की सांस फूलती है। तो उसे आइसोटोप का इंजेक्शन लगाकर पूरे हृदय की जांच की जा सकेगी कि हृदय में किस जगह समस्या है। हार्ट अटैक से पहले ही पता चल जाएगा कहां-कहां मसल्स कमजोर है।

मस्तिष्क की जांच के लिए दस करोड़ की लागत से आएगी मशीन
चिकित्सकों ने बताया कि सिटी स्कैन और एमआरआइ के जरिए मस्तिष्क की स्टडी होती है। यदि किसी के मस्तिष्क में रक्क के प्रवाह में कहीं रूकावट आ जाए, आरटरी फट जाए, क्लोट बन जाए तो इसकी जांच डिजिटल सबट्रेक्शन एंजीयोग्राफी मशीन से होती है। एसएमएस अस्पताल में अभी तक यह मशीन उपलब्ध नहीं थी। अब अस्पताल में दस करोड़ रुपए की लागत से मशीन स्थापित की जाएगी।