
बोले- रद्द करने का निर्णय बच्चों के भविष्य पर पड़ा असर
जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में अमायरा आत्महत्या मामले में सीबीएसई की ओर से स्कूल की संबद्धता रद्द करने के आदेश के विरोध मेें रविवार को सैकड़ों अभिभावक एक बार फिर सड़क पर उतर आए। अभिभावकों ने शहीद स्मारक पर सीबीएसई के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने इस निर्णय को बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए गंभीर खतरा बताया है।
अभिभावकों का कहना है कि कक्षा 9 से 12 तक का समय छात्रों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है, जब वे अपने करियर की दिशा तय करते हैं। इस फैसले से बच्चों को नए स्कूल में स्थानांतरण करने और नए माहौल में ढलने में कठिनाई होगी। साथ ही, इससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हो सकता है। अभिभावकों ने यह भी बताया कि इस निर्णय से उनका वित्तीय बोझ बढ़ने के साथ-साथ बच्चों के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अभिभावकों ने सरकार से अपील की है कि वे इस मामले पर पुनः विचार करें और नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता बहाल करें। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि स्कूलों में बच्चों के मानसिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएं। अभिभावकों का मानना है कि अगर इस मुद्दे पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है। पिछले दिनों भी अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर सीबीएसई का विरोध किया था।
क्या मामला है
गौरतलब है कि नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले में सीबीएसई ने पिछले दिनों स्कूल के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। सीबीएसई ने नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 9 से 12 तक की संबद्धता वापस ले ली। इसके बाद स्कूल नए सत्र से इन कक्षाओं में प्रवेश नहीं दे सकेगा। छात्रा की मौत के बाद सीबीएसई की जांच कमेटी ने स्कूल का निरीक्षण किया था। घटना और सुरक्षा से सम्बंधित कई खामियां स्कूल में मिली थी। इसके आधार पर सीबीएसई ने संबद्धता वापस लेने का निर्णय लिया।
Published on:
12 Jan 2026 12:56 pm

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