विद्याश्रम स्कूल के महाराणा प्रताप सभागार में रविवार को विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह नजर आया। मौका था ‘पत्रिका इग्नाइटर्स 2023 सम्मान समारोह’ का। जिसका आगाज रविवार को सभागार में हुआ। चार दिवसीय सम्मान समारोह के पहले दिन रविवार को 400 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। यह वह विद्यार्थी थे जो 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 70 फीसदी से अधिक अंक लेकर आए थे। इस चार दिवसीय समारोह में ऐसे ही अच्छे अंक लाने वाले एक हजार विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी समारोह में पंहुचे, अपने बच्चों को पुरस्कृत होता देखकर उनके चेहरे की खुशी भी देखते ही बनती थी।
मिला ख्यातनाम हस्तियों से मिलने का मौकासमारोह में विद्यार्थियों को कई ख्यातनाम हस्तियों से मिलने का मौका मिला। कार्यक्रम में निर्वाण यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. एसएल सिहाग, वाइस चेयरपर्सन आरके अरोड़ा, मिट्श्योर टेक्नोलॉजीज के नेशनल सेल्स हैड विजय मिश्रा, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की सचिव अल्पा चौधरी, जीएसटी के डिप्टी कमिश्रर कौशल भारद्वाज, टैगोर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की रुचिरा सोलंकी के साथ एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी,जीआईटी के प्रेसिडेंट राजकुमार कंदोई , जेके लॉन के प्राचार्य डॉ. अशोक गुप्ता, सांसद रामचरण बोहरा, स्कूल शिक्षा सचिव नवीन जैन ने भी शिरकत की। सभी अतिथियों का राजस्थान पत्रिका के सम्पादकीय प्रभारी अरुण कुमार ने स्वागत किया।
कृतज्ञ रहना सीखें – डॉ. संजय
कार्यक्रम में बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक डॉ. संजय बियानी ने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए आगे बढऩे का संदेश देते हुए अभिभावकों से भी कहा कि वह बच्चों को वही करने दें जो वह करना चाहते हैं। बियानी ने कहा कि जीवन में सफल होने और सकारात्मकता लाने के लिए जरूरी है कि हम दूसरों के प्रति कृतज्ञ रहना सीखें। किसी को शुक्रिया कहने और माफी मांगने से कोई व्यक्ति छोटा नहीं होता। हमें अंहकार से दूर रहना जरूरी है। यह सही है कि जीवन में आगे बढऩे के लिए पढऩा जरूरी है लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो फोकस होता है।
मेहनत ने निकलते हैं रास्ते- जीत विजयवहीं नेशनल स्टार्टअप काउंसिल के सदस्य जीत विजय ने अपनी सफलता की कहानी बयां करते हुए केंद्र सरकार की ओर से स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उनका कहना था कि कड़ी मेहनत करने और बड़ा सोचने से ही जीवन में सफलता मिलती है। अगर कभी कोई समस्या आए तो जरूरी है कि उसका पता लगाकर उसका समाधान करने की कोशिश करें। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत करने से रास्ते भी निकल जाएंगे।
प्रोग्राम किए गए लॉन्चसमारोह में निर्वाण यूनिवर्सिटी ने इग्नाइटर्स को 30 फीसदी स्कॉलरशिप दिए जाने की घोषणा की गई साथ ही नया प्रोग्राम भी लॉन्च किया। विश्वविद्यालय के कुलपति अरविंद कुमार अग्रवाल ने बताया कि विवि में स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप शुरू किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने बीबीए में रिेटेल मैनेजमेंट का तीन साल का कोर्स शुरू किए जाने की भी घोषणा की। जिसके लिए विवि का एक बड़ी एमएनसी से एमओयू हुआ है। जिसके तहत कोर्स के तहत प्रथम वर्ष की पढ़ाई विश्वविद्यालय में करवाई जाएगी। दूसरे वर्ष में कार कम्पनी स्टूडेंट्स को चार हजार रुपए का स्टाईपंड देगी, इस दौरान उसकी पढ़ाई विवि और कम्पनी दोनों में होगी। वहीं अंतिम वर्ष में कार कम्पनी दस हजार रुपए का स्टाईपंड देगी। कोर्स पूरा होने के बाद कम्पनी की ओर से स्टूडेंट्स को कार डीलरशिप शुरू करने का मौका भी दिया जाएगा।
यह रहे समारोह के प्रायोजककार्यक्रम में मुख्य प्रायोजक निर्वाण यूनिवर्सिटी जयपुर है। कार्यक्रम पावर्ड बॉय मिट्श्योर टेक्नोलॉजीज एलएलपी और राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को-स्पॉन्सर,बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेज कॅरिअर एक्सपर्ट हैं। पार्टनर यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और आईएएस/आरएएस एक्सपर्ट सम्यक एन इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल सर्विसेज हैं।
यह बोले पुरस्कृत विद्यार्थी
नाहर सिंह बाबा सीनियर सैकेंडरी स्कूल, कल्याणनगर, मुरलीपुरा के अंशुल पीपलीवाल ने कहा कि इस अवॉर्ड को लेकर वह बेहद खुश हैं। पत्रिका का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। इससे उनके जैसे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा।
माहेश्वरी गल्र्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल की छात्रा रह चुकी दिव्या ने कहा कि पत्रिका के इस इवेंट में आकर बेहद अच्छा लग रहा है। मैंने 12वीं पास की है यहां आकर कई मोटिवेशनल टिप्स मिले जो हमारी जिंदगी में काम आएंगे।
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक के स्टूडेंट हार्दिक ने कहा कि अवॉर्ड मिलने की खुशी तो है ही साथ ही मोटिवेशनल स्पीकर्स को सुनकर बेहद अच्छा लगा। इनसे हमें जीवन में आगे बढऩे की राह मिलती है।
मुस्कान कुमावत का कहना है कि ऐसे पुरस्कार से मनोबल बढ़ता है। पत्रिका ने जिस प्रकार से हम विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम किया है उससे सभी को जीवन में आगे बढऩे का अवसर मिलेगा।
12वीं पास कर निकले सार्थक ने पत्रिका का आभार जताते हुए कहा कि प्रतिभा को पहचान कर उसे पुरस्कृत करने से हमें मोटिवेशन मिलता है। ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।