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जयपुर शहर में 40 प्रतिशत महंगा पानी बह रहा नालियों में , 5 वर्ष बाद शुरू हुई लीकेज डिटेक्शन की ट्रेनिंग

  आदर्श नगर में लीकेज डिटेक्शन सेंटर में जलदाय इंजीनियरों व तकनीकी कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू लीकेज डिटेक्शन को लेकर 40 इंजीनियर ले चुके हैं जापान जाकर प्रशिक्षण

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Leakage near collector housing, city water supply disrupted

Leakage near collector housing, city water supply disrupted

जयपुर।
सरकार मोटा खर्चा कर बीसलपुर से जयपुर में पेयजल सप्लाई कर रही है। लेकिन शहर में स्थिति ऐसी है कि बीसलपुर का 40 प्रतिशत महंगा पानी लाइनों में लीकेज होने के कारण नालियों में बह रहा है। आदर्श नगर में पांच वर्ष पहले स्थापित किए लीकेज डिटेक्शन सेंटर पर सोमवार से साउथ सर्कल के इंजीनियरों व तकनीकी कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हुआ।

यहां इंजीनियर महंगे पानी की इस तरह बर्बादी रोकने के लिए लीकेज डिटेक्शन की नई तकनीकी सीखेंगे। जिससे मंहगे पानी की बर्बादी को रोका जा सके। जापान से प्रशिक्षण लेकर आए इंजीनियर अलग अलग बैच में जयपुर शहर के नॉर्थ और साउथ सर्किल में तैनात जेईएन और एईएन को लीकेज डिटेक्शन का प्रशिक्षण देंगे। साउथ सर्किल के दूसरे बैच को प्रशिक्षण 27 अक्टूबर को दिया जाएगा।

जलदाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2015 में 40 इंजीनियर जापान जाकर लीकेज डिटेक्शन रोकने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। लेकिन यह प्रशिक्षण इंजीनियरों के जापान सैर सपाटे तक ही सीमित रहा। प्रशिक्षण लेने वाले 10 से ज्यादा इंजीनियर तो जयपुर में ही तैनात हैं।

पत्रिका ने 1 मार्च को लीकेज डिटेक्शन की जगह मेंटीनेंस पर ध्यान और दो विभाग,मंत्री एक,छीजत रोकने के पैमाने जुदा'शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने इस सेंटर को शुरू कर प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए।


जयपुर में तैनात ये इंजीनियर जापान में ले चुके हैं प्रशिक्षण
सरोज मीणा—एक्सीएन
अंजू हर्ष—एक्सीएन बीसलपुर प्रोजेक्ट
निशा शर्मा—एक्सीएन
संगीता खेतान—एक्सीएन
शशि कांत बत्रा
रश्मि गोदारा—
भंवर किशनावत