
poisonous wine
जोधपुर की एक औद्योगिक इकाई से चोरी-छुपे बाहर आए मिथाइल एल्कोहल ने बाड़मेर में मौत का ताण्डव मचाया।
जैसलमेर के बाबाजी का फांटा तेजरावा निवासी मोहनसिंह के पुत्र गणपतसिंह के जुगाड़ से आए मिथाइल एल्कोहल को इथाइल एल्कोहल समझकर अवैध शराब बनाई गई और उसे अवैधियों के जरिए बाड़मेर के गडरारोड व बिशाला पहुंचा दिया गया।
इससे जिले में 18 जनों की मौत हो गई और 56 जने अस्पताल पहुंच गए।
रंग, रूप व गंध से खा गए गच्चा
मिथाइल एल्कोहल व इथाइल एल्कोहल रंग, रूप व गंध में एक जैसा ही होता है। ड्रम के मार्का के आधार पर या परीक्षण से ही उनका अंतर समझ में आता है। सूत्रों ने बताया कि जोधपुर स्थित एक औद्योगिक इकाई के पास मिथाइल एल्कोहल का लाइसेंस है। इस इकाई से बिना मार्का के जरीकन अथवा ड्रम में मिथाइल एल्कोहल बाहर आया, जिसे गणपतसिंह ने इथाइल एल्कोहल समझकर खरीद लिया।
Published on:
12 Apr 2016 03:02 pm
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