
दिल्ली कूच, ट्रेक्टर सहित किसानों को पुलिस ने रोका
उपज में समर्थन मूल्य पर खरीद में २५ फीसदी का प्रतिबंध समाप्त किए जाने सहित चने की खरीद प्रक्रिया फिर से शुरू किए जाने की मांग लेकर दिल्ली कूच रहे किसानों को पुलिस ने दूदू के पास विधानी के रोक लिया है। जानकारी के मुताबिक राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों से किसानों ने ट्रेक्टर सहित आज सुबह से ही दूदू में जुटना शुरू कर दिया था। एकत्र हुए किसानों ने जब दूदू से आगे दिल्ली रोड पर आगे बढऩे का प्रयास किया तो मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने उन्हें दूदू से कुछ दूरी पर गिधानी गांव में इन्हें रोक लिया।
किसानों ने लगाया जाम
पुलिस की ओर से रोके जाने से नाराज किसानों ने हाईवे को जाम करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने ट्रेक्टर सड़क पर खड़े कर दिए साथ ही पुलिस व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि वह लंबे समय से चना खरीद फिर से शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार इसकी अनुमति नहीं दे रही एेसे में उन्हें दिल्ली कूच करने का निर्णय लेना पड़ा है लेकिन पुलिस उन्हें आगे नहीं बढऩे दे रही। आपको बता दें कि किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए दूदू एसडीएम राजेंद्र सिंह शेखावत, सीओ देवेंद्र सिंह और थाना प्रभारी सुरेश यादव मौके भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं।
वहीं इस संबंध में दूदू एसडीएम राजेंद्र सिंह शेखावत का कहना था कि किसान बिना इजाजत दिल्ली जाने चाहते हैं। जिन्हें हमने दूदू से थोड़ा आगे गिधानी में रोक रखा है। समझाइश की जा रही है कोरोना काल में इस तरह जाना सही नहीं है। वैसे भी इनकी मांग को लेकर खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केंद्र सरकार को पत्र लिख चुके हैं। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।
मुख्यमंत्री ने लिखा पीएम को पत्र
आपको बता दें कि किसानों की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद राज्य के कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत किए जाने का आग्रह किया है। साथ ही वर्तमान में स्वीकृत लक्ष्य 25 प्रतिशत के अनुरूप, चने की पूरी खरीद किए जाने का भी अनुरोध किया है। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि कोविड.19 महामारी की इस संकट की घड़ी में राज्य विषम आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। एेसे में किसानों को समर्थन मूल्य खरीद योजना का पूरा लाभ दिलाकर आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दलहन एवं तिलहन खरीद के लक्ष्य 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना किसानों के हित में होगा। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि रबी सीजन 2020-21 में प्रथम अनुमान 26.85 लाख मैट्रिक टन उत्पादन के आधार पर चना खरीद के लिए राज्य सरकार ने 6.71 लाख मैट्रिक टन के प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये थेए लेकिन भारत सरकार द्वारा 6 लाख 15 हजार 750 मैट्रिक टन के प्रस्ताव ही स्वीकृत किये गए हैंए जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत खरीद के लक्ष्य से 2.07 प्रतिशत कम हैं।
गहलोत ने कहा है कि चने के समर्थन मूल्य एवं बाजार भाव में लगभग एक हजार से 1200 रुपए प्रति क्विंटल का अन्तर चल रहा है। साथ ही कोविड.19 संक्रमण से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों के कारण समर्थन मूल्य पर चना विक्रय करने में किसानों का अधिक रूझान रहा है, लेकिन निर्धारित 25 प्रतिशत के लक्ष्य से कम खरीद होने के कारण किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। इससे उनमें रोष व्याप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है कि किसानों के हित में वर्तमान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा पूरी खरीद की जाए। साथ ही दलहन एवं तिलहन खरीद के लक्ष्य को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए।
Updated on:
23 Jul 2020 05:34 pm
Published on:
23 Jul 2020 03:58 pm
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