राजस्थान में 2 हज़ार मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन प्रभावित, CM Gehlot हुए सक्रिय

सीएम अशोक गहलोत करेंगे समीक्षा

By: Bhavnesh Gupta

Published: 06 Oct 2021, 11:22 PM IST

जयपुर। प्रदेश में कोयले की कमी के कारण गहराए बिजली संकट के बीच अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री इस मामले में गुरुवार को ऊर्जा महकमे के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसकी तैयारियों में अफसर बुधवार देर रात तक जुटे रहे। इस बीच ऊर्जा विभाग और संबंधित एजेंसियों ने इस संकट के लिए एक बार फिर कोल इंडिया कंपनी को जिम्मेदार ठहराया। मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति नहीं होने से यह दिक्कत हुई है। बिजली की मांग 9000 मेगावाट चल रही थी, जो अब बढ़कर 12500 मेगावाट हो गई है। यानि, प्रतिदिन खपत 2 हज़ार लाख यूनिट से बढकर 2400 लाख यूनिट प्रतिदिन हो गई है। जबकि, राज्य के बिजली घरों से 2000 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन ठप हो गया है। इससे बिजली की मांग और आपूर्ति दोनों में अंतर गहराता जा रहा है।

विभाग का यह तर्क
-प्रदेश के थर्मल प्लांटों में विद्युत उत्पादन प्रभावित होने से ग्रिड की सुरक्षा बनाए रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों व म्युनिसिपल क्षेत्रों में रोस्टर से लोड शेंडिंग करनी पड़ रही है।
-विंड प्लांट से भी 500 से 1000 मेगावाट ऊर्जा मिलती थी, लेकिन वह भी अब बहुत कम मात्रा में मिल रही है।
-छबड़ा थर्मल की 250 मेगावाट की 2 इकाईयों के लिए कोल इंण्डिया द्वारा काफी समय से कोयले की आपूर्ति नहीं की जा रही है।

मंत्रालय का 7 का वादा, आ रही 4 ही रेक
विद्युत वितरण निगमों के अध्यक्ष भास्कर ए. सावंत ने बताया की सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट की 250 मेगावाट की 6 इकाइयों व छबड़ा थर्मल की 250 मेगावाट की दो इकाई तथा कोटा थर्मल की 1240 मेगावाट की सात इकाइयों के लिए कोयला कोल इंण्डिया से आता है। उच्चस्तरीय वार्ता के बाद 1 अक्टूबर को कोयला मंत्रालय के सब-ग्रुप ने 7 कोयले की रेक प्रतिदिन देने का निर्णय लिया था, लेकिन राजस्थान को पिछले पांच दिन में कोयले की केवल 4 रेक प्रतिदिन ही मिल पाई है।

Bhavnesh Gupta Reporting
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