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प्रदेश में एमएमएस के अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा थैरेपी की तैयारी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना संक्रमित रोगियों के सफल इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार करने और इसके लिए आईसीएमआर से आवश्यक अनुमति सहित अन्य प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में इस थैरेपी से 37 रोगियों के उपचार के बेहतर परिणाम सामने आने के बाद अब प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों में यह थैरेपी शुरू की जाए।

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प्रदेश में एमएमएस के अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा थैरेपी की तैयारी

प्रदेश में एमएमएस के अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा थैरेपी की तैयारी

प्रदेश में एमएमएस के अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा थैरेपी की तैयारी
मुख्यमंत्री ने दिए आईसीएमआर अनुमति व अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना संक्रमित रोगियों के सफल इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार करने और इसके लिए आईसीएमआर से आवश्यक अनुमति सहित अन्य प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में इस थैरेपी से 37 रोगियों के उपचार के बेहतर परिणाम सामने आने के बाद अब प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों में यह थैरेपी शुरू की जाए।

गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य कोविड-19 महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के साथ-साथ इससे होने वाली जनहानि को न्यूनतम रखना है। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों कोे कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने तथा बिना लक्षण वाले संदिग्ध रोगियों पर फोेकस करने के निर्देश दिए।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोरा ने बताया कि एसएमएस अस्पताल में प्लाज्मा थैरेपी से उपचार की शुरूआती सफलता के बाद अब प्रदेश के 24 चिकित्सा संस्थानों में प्लाज्मा बैंक शुरू किए जा सकते हैं। इसके लिए आईसीएमआर के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने बताया कि बीते कुछ दिनों के दौरान कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ने से पॉजिटिव मामलों की संख्या भी कुछ बढ़ी है। लेकिन प्रदेश में कोरोना से मृत्युदर नियंत्रित है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता लाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल में सहयोग के लिए लगभग 80 हजार स्वास्थ्य मित्र बनाए गए हैं। इन स्वास्थ्य मित्रों को ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विदेशों से आ रहे प्रवासियों एवं विद्यार्थियों की संक्रमण जांच, संस्थागत तथा होम क्वारेंटाइन सुविधाओं और इनके निरीक्षण, बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों के लिए राशन की उपलब्धता के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राज्यव्यापी जागरूकता गतिविधियों की भी समीक्षा की।

बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण वीनू गुप्ता, अति. मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, अति. मुख्य सचिव खान सुबोध अग्रवाल, अति. मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह, शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हेमन्त गेरा, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।