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World Cancer Day: कैंसर मरीजों के लिए ‘देवदूत’ साबित हो रहे निजी संगठन, एक कॉल आते ही मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं

Jaipur News: संस्था से करीब 500 डोनर जुड़े हुए हैं, अब तक तीन हजार से अधिक लोग प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं।

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जयपुर

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Alfiya Khan

Feb 04, 2025

cancer

अब्दुल बारी
जयपुर। विश्व कैंसर दिवस आज मनाया जाएगा। शहर के कई संगठन और संस्थाएं कैंसर मरीजों के लिए 'देवदूत' साबित हो रही हैं। जो निस्वार्थ भाव से कैंसर रोगियों की सेवा में लगे हुए हैं। खास बात यह है कि इन संस्थाओं में बड़ी संख्या में युवा जुड़े हुए हैं।

-शहर की आरबीएफ संस्था साल 2010 से इस क्षेत्र में सक्रिय है। यह संस्था अब तक सैकड़ों मरीजों को प्लेटलेट्स दान करवाने में मदद कर चुकी है। आशीष बियानी ने बताया कि इसके लिए 27 वॉलंटियर्स काम कर रहे हैं। संस्था से करीब 500 डोनर जुड़े हुए हैं, अब तक तीन हजार से अधिक लोग प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं। सोशल मीडिया और कैंसर अस्पतालों के माध्यम से जरूरतमंद इस संस्था से संपर्क करते हैं।

-प्रतिष्ठा ब्लड बैंक बिना प्रोसेसिंग फीस के कैंसर रोगी बच्चों को ब्लड आदि उपलब्ध कराता है। रोहित शर्मा ने बताया कि कैंसर रोगी बच्चों के लिए काम करने वाली एक संस्था के करीब 40 बच्चों को रक्त मुहैया कराया जा रहा है।

-केन किड्स, किड्स केन संस्था पिछले कुछ सालों से एसएमएस, जेके लॉन समेत विभिन्न अस्पतालों में सक्रिय है। ममता चौधरी ने बताया कि इन अस्पतालों में कैंसर रोगियों और परिजनों की काउंसलिंग की जाती है। जो दवाएं अस्पताल से नहीं मिल पाईं उन्हें मुहैया कराया जाता है। साथ ही फ्री जांचें कराई जाती हैं। राशन और हाइजिन किट दी जाती है। कीमो थैरेपी के दौरान कैंसर रोगी बच्चों के साथ उनका जन्मदिन और विशेष दिनों में आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक हजार से अधिक रोगियों को लाभ पहुंचा चुके हैं।

18 वर्ष की आयु से प्लेटलेट्स दान करना किया शुरू

शहर के 22 वर्षीय गौरव गुप्ता 18 वर्ष की आयु से प्लेटलेट्स दान करते आ रहे हैं और अब तक 23 बार प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं। गौरव का कहना है कि प्लेटलेट्स दान करने के बाद मुझे कोई कमजोरी महसूस नहीं होती और मैं अपने नियमित काम के साथ इसे जारी रख सकता हूं।

-जयपुर जीवनदाता संस्था भी इस क्षेत्र में सक्रिय है। अध्यक्ष नरेश सोनी ने बताया कि संस्था में करीब 50 लोग जुड़े हुए हैं। जो ब्लड एसडीपी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि एसएमएस, जेके लॉन समेत अन्य अस्पतालों में प्रशासन को कॉनटेक्ट नंबर दे रखे हैं। जिसके माध्यम से कैंसर रोगी/परिजन उनसे संपर्क करते हैं। कॉल आते ही मदद के लिए ग्रुप के लोग दौड़ पड़ते हैं।

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