परिवार के चुनिंदा लोग और कुछ दोस्त ही प्रिया सिंह को लेने एयरपोर्ट आए और घर तक उनको फिर कोई नहीं मिला। प्रिया की पूरी कहानी हिंदी फिल्मों जैसी है और स्ट्रगल से भरी हुई है। कहानी आपको मोटिवेट करेगी जरूर से....।
जयपुर
ये प्रिया सिंह है, हाल ही में वापस लौटी हैं राजस्थान। दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाली बेटी प्रिया सिंह ने बॉडी बिल्डिंग में थाईलैंड में गोल्ड जीता है। जयपुर लौटी तब सोचा था कि लोगों का स्नेह मिलेगा और एयरपोर्ट पर स्वागत होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ....। परिवार के चुनिंदा लोग और कुछ दोस्त ही प्रिया सिंह को लेने एयरपोर्ट आए और घर तक उनको फिर कोई नहीं मिला। प्रिया की पूरी कहानी हिंदी फिल्मों जैसी है और स्ट्रगल से भरी हुई है। कहानी आपको मोटिवेट करेगी जरूर से....।
दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रिया बाल वधु है। दस साल की उम्र में शादी हो गई थी उनकी। लेकिन परिवार और समाज दोनो के सामने अपने पक्ष को मजबूती से रखा और हिम्मत से डटी रहीं। उसके बाद अपने शौक को पैशन बनाया। जिम में जाकर कसरत करने लगी। परिवार का सपोर्ट भी धीरे ही सही मिलने लगा। मेहनत रंग लाने लगी और प्रिया टूर्नामेंट खेलने लगी। घर खर्च चलाने के लिए जिम में नौकरी करने वाली प्रिया की मंजिल जिम ही थी और वे वहीं पहुंच गई। उसके बाद बॉडी बिल्डिंग की प्रतियोगिताओं में प्रिया सिंह स्टेट लेवल पर लगातार तीन बार गोल्ड पदक जीत चुकी हैं। बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगीता में मिस राजस्थान 2018, 2019 व 2020 में गोल्ड पदक जीता।
हाल ही में थाईलैंड के पटाया से वापस लौटी हैं। पटाया में 17 व 18 दिसम्बर 2022 को 39वीं अंतर्राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता हुई, जिसमें राजस्थान की पहली महिला बॉडी बिल्डर प्रिया सिंह ने स्वर्ण पदक व प्रोण् कार्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। लेकन मन में मलाल है, जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद परिवार के चुनिंदा लोग ही उनके स्वागत के लिए आ सके। वे एयरपोर्ट से घर अकेली पहुंचीं। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश का नाम रोशन करने वाली प्रिया सिंह को कोई मान नहीं मिला सरकार से...., ये शर्मनाक है।