
जयपुर। Rajasthan Assembly Election 2023 : सोशल मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस ने भी अब इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए जनता के बीच पैठ बनाने के प्रयास तेज कर दिए है। सोशल मीडिया के जरिए सरकार की योजनाओं और कामकाज का प्रचार रोचक स्लोगन के जरिए करने को लेकर तैयारी की जा रही है। इसी तरह का प्रयोग पहले कांग्रेस कर्नाटक चुनाव में कर चुकी है, जहां सफलता भी मिली। इस काम के लिए मुख्य भूमिका शशिकांत सेथिल को सौंपी गई है।
कर्नाटक चुनाव में भी सेथिल ने काम किया था। प्रदेश कांग्रेस ने अस्पताल रोड स्थित बंगला नंबर 7 में सेंट्रल वॉर रूम बनाया है। सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस वॉर रूम में 100 से ज्यादा लोगों की टीम दिन- रात काम में जुटी है। इनमें कई प्रदेशों से विषय विशेषज्ञों को बुलाया गया है। वॉर रूम से जुड़े कार्यकर्ताओं की माने तो सबसे प्रमुख काम भाजपा और अन्य दलों की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे हैं। दुष्प्रचार का तथ्यों के साथ फैक्ट चेक करके जवाब देना और जनता को वास्तविकता बताना है।
भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच जहां चुनावी रण में आमना- सामना होगा, वहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी दोनों के बीच जंग देखने को मिलेगी। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर वार-पलटवार के लिए दोनों दी दलों ने अपने अपने वॉर रूम तैयार कर लिए हैं और चुनावी कैंपेन शुरू कर दिया है।
200 विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे वॉर रूमः प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद सभी 200 विधानसभा क्षेत्र में भी वॉर रूम स्थापित किए जाएंगे, जो सीधे सेंट्रल वॉर रूम से जुड़े होंगे।
चुनावी नारे भी वॉर रूम ने किए तैयार: चुनाव में पार्टी के क्या नारे होंगे उन्हें भी सेंट्रल वॉर रूम की ओर से ही तैयार करके पार्टी नेतृत्व को भेजे गए हैं, जिनमें से एक प्रमुख स्लोगन "काम किया है दिल से' कांग्रेस फिर से" भी है। ईआरसीपी को लेकर पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में होने वाले चुनाव प्रचार में भी इसी मुद्दे से जुड़े नारे तैयार किए गए हैं।
इन मुद्दों पर ज्यादा फोकस: सेंट्रल वॉर रूम में इन दिनों गहलोत सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, ईस्टर्न कैनल परियोजना, ओल्ड पेंशन स्कीम, महंगाई- बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया जा रहा है।
Published on:
12 Oct 2023 07:43 am
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