Rajasthan Assembly Election 2023 : BJP का 'टिकट बवाल'! राज्यवर्धन सिंह राठौड़ V/S राजपाल सिंह शेखावत, दो सीनियर नेता आमने-सामने
जयपुर।
झोटवाड़ा सीट पर भाजपा की टिकट की घोषणा के बाद चल रहा विरोध लगातार बना हुआ है। भाजपा प्रत्याशी और सांसद राज्यवर्धन सिंह ने विरोध पर कहा है कि यह भाजपा है। यहां कोई अड्डा नहीं जमा सकता। महत्वाकांक्षा के कारण विरोध हो रहा है। वहीं इस सीट से दावेदारी कर रहे पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि भाजपा कैडर बेस पार्टी है। अड्डा शब्द का इस्तेमाल करने वाले राजनीति में नए हैं। उनको जानकारी का अभाव है। ऐसी जगह से चुनाव लड़कर पार्टी को जिताया है, जो कभी पार्टी जीत ही नहीं सकी थी। इसलिए विरोध करना जायज है।
यह भाजपा है...कोई अड्डा नहीं जमा सकता: राज्यवर्धन
Q आपने विरोध करने वालों से बात करने की कोशिश की ?
अभी एक दो दिन हुए हैं। लेकिन मुझसे कई लोग मिलने आए हैं। कइयों के फोन आ गए हैं। यह ध्यान रखना होगा कि कोई भी स्थायी नहीं है। रोटेशन होते रहना चाहिए। सभी को मौका मिलता रहना चाहिए। लोकसभा से यहां भेजा है तो कहीं न कहीं नए चेहरे अब वहां जाएंगे। यह कांग्रेस नहीं है जहां आ गए तो अड्डा जमा लिया, भाजपा है। यहां क्षमता के साथ अपना योगदान दीजिए। दूसरों को आने का मौका देते रहिए।
Q विरोध के बीच विधानसभा क्षेत्र में कैसे उतरेंगे?
भाजपा का सच्चा कार्यकर्ता पार्टी और जनता को सबसे आगे लेकर चलता है। उसकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं होती तो कुछ दिन संयम रखकर मुख्य धारा से जुुड़ जाता है। यदि वो जनता और पार्टी से पहले अपने आप को रखते हैं तो विवाद सामने आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे यहां भेजा है तो झोटवाड़ा की जनता के लिए कुछ अच्छा होगा। विरोध करने वालों को साथ आना चाहिए।
Q पहले लोकसभा और अब विधानसभा चुनाव, कैसे देखते हैं?
कांग्रेस में वंशवाद को ही टिकट दिया जाता है। भ्रष्टाचार अपराध और बेरोजगारी को खत्म करना है। झोटवाड़ा में पीने का पानी नहीं है, हाईटेंशन लाइट भूमिगत नहीं है। टैंकर मंगवाकर लोग पानी पी रहे हैं। जो चुनकर आए उन्होंने अब तक क्या किया ?
अड्डा बोलने वाले राजनीति में अभी नए हैं: राजपाल
Q राज्यवर्धन सिंह कह रहे हैं कि भाजपा में कोई अड्डा नहीं जमा सकता?
मैंने उन विधानसभाओं को अड्डा बनाया है, जो सीटें भाजपा हारती आ रही थी और जहां भाजपा कमजोर थी। बनीपार्क जो कभी भाजपा नहीं जीत सकी, वहां से पार्टी को जिताया। झोटवाड़ा जब नई विस बनी, तो चार से ज्यादा विस का हिस्सा टूट कर बनी। फंसी हुई सीट थी। उससे भी लगातार दो बार जीत दर्ज की है। राजनीति में जो नए हैं, उन्हें अड्डा जैसी बातें शोभा नहीं देती। उनके पास जानकारी का अभाव है।
Q चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा के आरोप लगाए जा रहे हैं?
मैं अपनी मर्जी से राजनीति में नहीं आया था। दिवंगत भैरोंसिंह शेखावत 1990 में मुझे राजनीति में लाए और बनीपार्क विस सीट से टिकट दिया। मैंने जब इस सीट से चुनाव लड़ा था, उससे पहले कभी भाजपा जीती नहीं थी। उस सीट से जीत दर्ज की। झोटवाड़ा भी बनीपार्क जैसी कठिन सीट है। वहां से भी मैंने ही चुनाव लड़ा और दो बार जीत दर्ज की। इसलिए मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। यह बात करना ही गलत है।
Q आपको कोई महत्वाकांक्षा नहीं तो फिर प्रत्याशी का विरोध क्यों?
भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। इसलिए आज जायज हक के लिए लड़ना और विरोध करना जरूरी है।