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राजस्थान चुनाव 2023: मतदान 90 फीसदी से अधिक हो या दस से कम, संदेह के घेरे में बूथ

Rajasthan Election 2023 : चुनाव के दौरान क्रिटिकल बूथ घोषित करने का एकमात्र कारण यह नहीं कि यहां बूथ कैप्चरिंग हुई थी या झगड़े हुए थे। इसके पीछे उन सभी घटनाक्रम को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है, जो अप्रत्याशित रहती है।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Oct 27, 2023

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Rajasthan Assembly Election 2023 : चुनाव के दौरान क्रिटिकल बूथ घोषित करने का एकमात्र कारण यह नहीं कि यहां बूथ कैप्चरिंग हुई थी या झगड़े हुए थे। इसके पीछे उन सभी घटनाक्रम को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है, जो अप्रत्याशित रहती है। मसलन, बूथ पर 90 प्रतिशत से अधिक पोलिंग होने पर आयोग सतर्क हो जाता है। यही नहीं दस प्रतिशत से कम पोलिंग होना ही संदेह पैदा करता है। ऐसे कई कारणों के मद्देनजर प्रदेश में चुनाव आयोग ने तेरह हजार से अधिक बूथों पर इस बार विशेष नजर रखना तय किया है। हालांकि इनमें सबसे अधिक संख्या उन्हीं बूथों की है, जहां कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है।

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अप्रत्याशित रूप से अधिक व कम पोलिंग के साथ यह भी ध्यान रखा जाता है कि किसी एक के पक्ष में अत्यधिक वोट तो नहीं पड़े हैं। बूथ पर किसी एक ही प्रत्याशी के पक्ष में 75 प्रतिशत से अधिक वोट पड़ने पर उस बूथ को निगरानी की श्रेणी में लिया जाता है। अधिक पोलिंग को लेकर इस बार 1015 बूथों को निगरानी में रखने का निर्णय लिया है। इनमें से सबसे अधिक बूथ बाड़मेर में 128 व जैसलमेर 113 हैं। हालांकि क्षेत्र के लोग इसके पीछे एक कारण यह भी बताते हैं कि यहां बूथों पर अपेक्षाकृत कम वोटर होते हैं। इस कारण कुछ बूथों पर पोलिंग प्रतिशत अधिक रहता है। ऐसे बूथों की सबसे कम संख्या श्रीगंगानगर में मात्र एक है।

दस प्रतिशत से कम पोलिंग वाले बूथ सबसे अधिक धौलपुर है। यहां तीन बूथ ऐसे हैं, जहां गत चुनावों में कोई वोट डालने ही नहीं आया। चुनाव आयोग ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए, जिसके विरोध में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस बार निर्देश दिए हैं कि कहीं इस तरह की बात अभी सामने आ रही है तो उसके निस्तारण के प्रयास किए जाएं। आयोग ने इस बार अत्यधिक मतदान का उद्देश्य रखा है।

ये क्रिटिकल बूथों की स्थिति: प्रदेश में कुल बूथ 13367
जयपुर- 1380
दौसा- 907
भरतपुर- 764
नागौर- 661
अलवर- 639

ऐसे बूथ जहां 90 प्रतिशत से अधिक पोलिंग या एक ही प्रत्याशी के पक्ष में 75 प्रतिशत पोलिंग:-
प्रदेश में कुल -1015
बाड़मेर -128
जैसलमेर -131
अलवर -90
जोधपुर -59
झालावाड़ -53

सबसे कम
श्रीगंगानगर -1
डूंगरपुर -2
हनुमानगढ़ -2
राजसमंद -3
प्रतापगढ़ -4

ऐसे बूथ जहां दस प्रतिशत से कम पोलिंग
प्रदेश में -18
टोंक -4
धौलपुर -3
सीकर -2
झुंझुनूं -2

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26 हजार मतदान केंद्रों पर होगी लाइव वेबकास्टिंग
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार महत्वपूर्ण मतदान केंद्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित सभी मतदान केंद्रों की इस बार लाइव वेबकास्टिंग होगी। इससे पहले केवल संवेदनशील मतदान केंद्रों पर मात्र वीडियो रिकाॅर्डिंग की जाती थी। इस बार बूथों का दायरा भी बढ़ाया गया है तथा तकनीक का उपयोग करते हुए लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। सहायक मतदान केंद्रों सहित पचास प्रतिशत (26 हजार) मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।