
जयपुर। राजस्थान इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। पारा तमाम पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 50 डिग्री के करीब तक पहुंच रहा है। अब तो आज से नौतपा भी शुरू हो गया है, जिससे साफ़ है कि आने वाले कुछ दिन सूर्य देव अपनी प्रचंड गर्माहट से पूरे प्रदेश को और ज़्यादा तपायेंगे।
वैसे परेशान करने वाली इस गर्मी का ये हाल तो अभी मई महीने का ही है, जबकि प्रचंड गर्मी की पहचान रखने वाला पूरा जून माह आने को है।
इधर, गर्मी से निपटने के लिए राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर दिखने लगी है। बिजली, पानी और स्वास्थ्य क्षेत्र सहित जनहित से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विभागों में कार्मिकों से लेकर अफसरों तक की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
अब सरकार ने प्रदेश में रह रहे इंसानों के साथ ही बेज़बान पशु-पक्षियों को भी भीषण गर्मी से निजात दिलाने का एक्शन प्लान बनाया है। राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने हर गांव से लेकर शहरों तक में पशु-पक्षियों के चारे और दाना-पानी की व्यवस्था करने को लेकर प्लानिंग की है। साथ ही सम्बंधित अफसरों को दिए गए दिशा-निर्देशों का योजनाबद्ध तरीके से पालन करने की नसीहत दी है।
राज्य में भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्य सचिव के निर्देश अनुसार हर गांव और हर कस्बे में पशु-पक्षियों के चारा और दाना-पानी की व्यवस्था किए जाने के सबंध में निर्देश प्रदान किए गए हैं।
- हर सरकारी दफ्तर में पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिंडे लगवाए जाएं। उनमें हर दिन पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और लगाए गए परिंडों के फोटोग्राफ भी भिजवाए जाएँ।
- पक्षियों के लिए गांव/ कस्बे में जहां पक्षियों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां पेडों पर आवश्यक्तानुसार दाने के लिए पात्र की व्यवस्था की जाए। इसके लिए स्थानीय दानदाता/ भामाशाह/ सामाजिक संस्थाओं एवं ग्रामीणों को प्रेरित करके उनका सहयोग लिया जा सकता है।
- हर गांव में स्थान-स्थान पर सर्वे करके पशुओं के लिए खेलियां रखी जाएं और हर दिन उसमें पानी भरने की व्यवस्था की जाए ताकि आवारा पशु भीषण गर्मी के दिनों में प्यासे नहीं रहें।
- सभी विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी अपनी ग्राम पंचायतों या गांवों की सूची विभाग को उपलब्ध कराएं की कितनी-कितनी खेलिया कहां-कहां रखवाई गई हैं और उनमें पानी भरने की क्या व्यवस्था की गई है?
- इन सभी बिन्दुओं की शत-प्रतिशत पालना सभी विकास अधिकारियों / ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित करने और समय-समय पर इन व्यवस्थाओं की जांच के लिए निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं।
- पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त रवि जैन की ओर से जारी एक आदेश के आखिर में लिखा गया है, 'इसे अत्यावश्यक समझा जावे तथा मूक प्राणियों की सेवार्थ अपना योगदान अवश्य करें।
Published on:
25 May 2024 11:55 am
