जयपुर
राजस्थान कॉलेज में शनिवार को नाट्य विभाग की ओर से नाटक ‘स्मृति शेष ‘का मंचन किया गया। दादी नानी की कहानियां, उनकी बोली, हमारे लोकगीत कहीं तकनीक की दुनिया में खो ना जाएं इस ओर ध्यान दिलाना ही नाटक का मकसद था। नाटक में दिखाया गया कि किस तरह विकास के दौड़ में हम अपनी ग्रामीण संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। आज इंटरनेट मनोरंजन का साधन बनकर रह गया है। हम किताबें, गीत संगीत, कहानियां भूल कर मोबाइल पर अपना समय बिता रहे हैं। नाटक के निर्देशक मूमल तंवर और डॉ. शिवा प्रसाद तुमु रहे। नाट्य विभाग के छात्रों ने ही संगीत,मंच सज्जा,मंच साम्रगी,वस्त्र सज्जा,शीर्षक एवं कैलाग्राफी,मुद्रण एवं दृश्यात्मक दस्तावेजीकरण में भूमिका निभाई।