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43 का फिगर, कांग्रेस में नेता जी ही चलाएंगे ‘ट्रिगर’

जितनी तु्म्हारी उम्र नहीं, उससे ज्यादा तो मेरा अनुभव है। चुनावी समर में ताल ठोक रहे कांग्रेस के दिग्गजों पर यह डॉयलॉग बिल्कुल सटीक बैठता है।

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जयपुर

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Rahul Singh

Nov 03, 2023

Rajasthan Assembly Election 2023

Rajasthan Assembly

जितनी तु्म्हारी उम्र नहीं, उससे ज्यादा तो मेरा अनुभव है। चुनावी समर में ताल ठोक रहे कांग्रेस के दिग्गजों पर यह डॉयलॉग बिल्कुल सटीक बैठता है। जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देने का भले ही कांग्रेस दावा कर लें, मगर हकीकत यह है कि आज भी कई सीटें ऐसी है जहां आम कार्यकर्ताओं का इंतजार चार दशक बाद भी पूरा नहीं हो रहा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई दिग्गज ऐसे है जो 43 साल से लगातार चुनाव लड़ रहे हैं। ख़ास बात यह है कि इनकी सीट पर कांग्रेस कार्यकर्ता विधायक बनना तो दूर टिकट मांगने की भी नहीं सोच सकता।

कार्यकर्ता बिछाए दरी, इनाम पाएं 'नेताजी'
चुनाव के पिछले रेकॉर्ड पर नज़र डालें तो कांग्रेस का आम कार्यकर्ता सिर्फ दरी बिछाने तक ही सीमित है। जब चुनाव लड़ने की बारी आए तो नेताजी का सिंगल नाम सामने आता है। अभी 6 दिग्गज ऐसे है जो दसवां या उससे ज्यादा बार चुनाव लड़ चुके हैं। फिर चाहे सत्ता में शामिल होना हो या विपक्ष में बैठना हो। इनका नंबर तो पक्का ही रहा है। कांग्रेस की यह रणनीति पार्टी के उन दावों पर सवाल उठाती है जिसमें हर बार जमीनी कार्यकर्ता को मौका देने की बात होती है। हालांकि इस बार कई दिग्गजों का विरोध भी हो रहा है। बीकानेर पश्चिम से उम्मीदवार बीडी कल्ला के सामने तो कांग्रेस नेता राजकुमार किराडू ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

पैराशूटर्स का राजयोग
सिर्फ दिग्गज नेता ही नहीं, कई पैराशूटर्स भी पार्टी पर भारी पड़ते हैं। कांग्रेस की अब तक सामने आई तीन सूचियों में भी कई पैराशूटर्स नेता को टिकट मिला है। जबकि यहां जमीनी कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की ना सिर्फ उम्मीद पाले बैठा था बल्कि चुनावी तैयारी भी कर ली थी। इन नेताओं को चुनाव से पहले टिकट का कई बार आश्वासन भी मिला, लेकिन यह आश्वासन आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से जारी होने वाली सूची में स्थान नहीं दिलवा पाया।

ऐसा भी नहीं है कि लगातार जीतें हो: जो नेता लगातार 40 साल से अधिक साल से चुनाव लड़ रहा है तो ऐसा भी नहीं है कि वो सभी चुनाव जीतता आ रहा हो। इन्हें कई हार तो कभी जीत रहे ये नेता टिकट लेने में हमेशा कामयाब साबित होते है और जब सरकार बन जाती है तो मंत्री बनने में भी ये नेता बाजी मार जाते है।


आम कार्यकर्ता पर भारी दिग्गज :

अशोक गहलोत, पहला विधानसभा चुनाव लडा 1977, हारे
पांच बार विधायक, सरदारपुरा सीट
सांसद भी रहे

1980 से लगातार चुनावी मैदान में:
सीपी जोशी
5 बार विधायक, नाथद्वारा सीट, एक बार सांसद

अमीन खां- शिव
5 बार बने विधायक, शिव सीट

बीडी कल्ला
6 बार विधायक , बीकानेर पश्चिम

दीपेन्द्र सिंह शेखावत
पांच बार विधायक, श्रीमाधोपुर

हेमाराम चौधरी
6 बार विधायक, गुढामालानी