
- अश्विनी भदौरिया
पांच साल पहले जब जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा भेजा था तो उनसे इतनी सी उम्मीद तो की थी कि मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा। पांच साल में कितने बदले हमारे विधानसभा क्षेत्र, यह जानने के लिए राजस्थान पत्रिका टीम ने हवामहल क्षेत्र में पड़ताल की। इस दौरान कई जगह विकास का दावा धराशायी नजर आया। कहीं अतिक्रमण पसरे हुए थे, कहीं आवासीय इलाके में व्यावसायिक कॉम्पलेक्स। कुछेक जगह चमचमाती सडक़ें दिखीं लेकिन जब लोगों से पूछा तो जवाब मिला-वीआइपी इलाका है यहां तो होगा ही...
हवामहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र पारीक (Surendra Pareek) किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं। इनके घर के आसपास तो सफाई दिखी, लेकिन थोड़ी ही दूर लावारिस जानवरों का झुंड दिखाई दिया। इन जानवरों से लोग परेशान हैं।
ड्रेनेज: क्षेत्र के जयसिंहपुरा खोर के बड़े इलाके में ड्रेनेज सिस्टम चालू ही नहीं हो पाया है। इसके अलावा आमेर रोड पर आए दिन डे्रनेज सिस्टम फेल हो जाता है। नाले भी खुले हुए हैं।
पानी: नव विकसित इलाकों में खासकर आमेर रोड और दिल्ली रोड की क ई कॉलोनियों में पानी की दिक्कत आम हो गई है। विस क्षेत्र का बाहरी हिस्सा अभी भी टैंकरों पर निर्भर है।
सफाई: नए सफाई कर्मचारी आने से विस क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। हालांकि कंवर नगर सब्जी मंडी के आसपास भारी गंदगी रहती है।
शिक्षा: अधिकतर इमारतें पुरानी, जर्जर हो चुकी हैं। कहीं अध्यापकों की कमी है तो कहीं बच्चे ही नहीं हैं। फूटा कोट स्थित सरकारी स्कूल में तो बच्चे खतरनाक रास्ते से निकलते हैं।
अतिक्रमण: अतिक्रमण, जाम से कई बाजार प्रभावित हैं। ब्रह्मपुरी की ओर जाने वाले लोगों को जाम के साथ-साथ अतिक्रमण का सामना करना पड़ता है।
Published on:
27 Oct 2018 03:16 pm
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