जयपुर।
राज्य सरकार ने सौम्या गुर्जर को नगर निगम ग्रेटर के महापौर पद से हटा दिया है। साथ ही निगम की सदस्यता खत्म करने के साथ ही 6 साल तक निकाय चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद निगम प्रशासन ने उनकी गाड़ी के साथ अन्य सभी सुविधाएं वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन निगम प्रशासन की ओर से सौम्या गुर्जर की नेम प्लेट हटाने के तरीके को लेकर भाजपा पार्षदों ने ने नाराजगी जताई है। महापौर कक्ष के बाहर गेट के ऊपर गुलाबी रंग के बोर्ड पर सौम्या गुर्जर नाम अंकित था। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने चाकू से कुरेद-कुरेदकर नाम को हटाया। इसे लेकर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई है। मामले पर उप महापौर पुनीत कर्णावट ने आयुक्त महेंद्र सौनी को नोटशीट भेजकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस काम में लिप्त कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सरकार आदेश अंतिम नहीं
कर्णावट ने नोटशीट में लिखा है कि सौम्या गुर्जर के नाम को कुरेद-कुरेदकर हटाना निंदनीय कृत्य है। मैं यह समझने में असमर्थ हूं कि आखिर किसके निर्देश हैं। आखिर ऐसी क्या आफत आन पड़ी कि नाम को इस तरह से हटाया गया। राज्य सरकार का आदेश अंतिम आदेश नहीं है। इसे लेकर न्यायिक फोरम पर चुनौती भी दी जाएगी। लेकिन यह कृत्य निंदनीय है।