
High court bench will determine interim fees
जयपुर।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने ई कोर्ट की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। ई मेल के जरिए नए केस, प्रार्थना पत्र और दस्तावेज सुविधा देने के दौरान कोर्ट फीस को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। इसी वजह से अब ई कोर्ट फीस की सुविधा शुरू की गई है। यानि की अब ई—पे पोर्टल के जरिए कोर्ट फीस की राशि का भुगतान सीधे ही राज्य सरकार के खाते में हो जाएगा। कोर्ट फीस के साथ ही पेनल्टी, फाइन, ज्यूडिशल डिपोजिट भी करवाया जा सकेगा।
राजस्थान उच्च न्यायालय में आठ अप्रेल से ई—फाइलिंग की शुरूआत हुई थी। इसी के साथ मामलों को ई—मेल सहित अन्य डिजीटल तरीके से मंजूर करते हुए वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई प्रक्रिया शुरू की थी। इसी में आगे बढ़ते हुए अब कोर्ट फीस के डिजिटल भुगतान के लिए ई पे पोर्टल शुरू किया गया है। ई पे पोर्टल राज्य सरकार के आॅनलाइन पेमेंट सिस्टम ई ग्रास से जुड़ा हुआ है और इसके जरिए कोर्ट फीस की राशि का भुगतान सीधे ही राज्य सरकार के खाते में हो जाएगा। कोर्ट फीस की राशि का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड,क्रेडिट कार्ड या भीम यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है। इससे एक रसीद डाउनलोड होगी जिस पर सभी जानकारी होगी और इसका उपयोग ई—फाइलिंग में करने के साथ ही न्यायालय में दी जाने वाली फाइल में भी किया जा सकेगा।
उच्च न्यायालय ने नौ जनवरी को ई फाइलिंग का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। ई फाइलिंग को साल के अंत तक धीरे धीरे लागू किया जाना था। लेकिन जैसे ही लॉकडाउन हुआ उसी के साथ उच्च न्यायालय ने ई फाइलिंग मोड की ओर चला गया। इस प्रक्रिया में न्यायाधीश, कोर्ट अधिकारी और वकीलों ने भी सहयोग दिया। शुरूआत में कुछ परेशानी जरुर हुई और मार्च महीने में तीस मामलों की सुनवाई हुई लेकिन अप्रेल में यह आंकड़ा 1600 तक पहुंच गया तो मई के पहले 15 दिन में ही तीन हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई वीसी के जरिए हो गई। यानि कहा जा सकता है कि कोरोना ने राजस्थान उच्च न्यायालय में ई—कोर्ट की राह आसान कर दी।
Published on:
20 May 2020 10:01 pm
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