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स्टार्टअप के जरिए इनोवेशन की मिल रही जानकारी

आईटी कार्निवाल 2023 दो दिन का मेगा जॉब फेयर, स्टार्टअप ने भी अपने स्टॉल् लगाए हैं, जो अपने नवाचार की जानकारी यहां दे रहे हैं

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Mar 20, 2023

स्टार्टअप से बड़ा फायदा, करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना

स्टार्टअप से बड़ा फायदा, करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना

जयपुर। राजस्थान के युवाओं का सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कौशल बढ़ाने के साथ रोजगार सृजित करने के लिए आईटी डे 2023 कार्निवाल का आज दूसरा दिन है। राजस्थान कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज और जवाहर कला केन्द्र में हो रहे इस कार्निवाल के तहत आज मेगा जॉब फेयर का आगाज होगा, जिसमें 400 कंपनियां भाग लेंगी। जॉब फेयर में आईटी फील्ड, बीपीओ, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम, सिविल, बैंकिंग एंड फाइनेंस, कंसल्टिंग, रिटेल, इलेक्ट्रिकल सहित मल्टी प्रोफाइल से संबंधित अभ्यर्थियों का मौके पर ही साक्षात्कार लेकर चयन किया जाएगा। करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। स्टार्टअप के जरिए इनोवेशन वहीं दूसरी ओर जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है बल्कि कई स्टार्टअप ने भी अपने स्टॉल् लगाए हैं, जो अपने नवाचार की जानकारी यहां दे रहे हैं।

फायर फाइटिंंग में उपयोगी ड्रोन
ड्रोन का उपयोग केवल इसे उडाकर फोटो क्लिक करना या वीडियो बनाना ही नहीं है इसका उपयोग मेडिकल इमरजेंसी में भी किया जा सकता है। कार्निवाल में अपने चार तरह के ड्रोन डिस्प्ले कर रहे पायलट विकास ने बताया जयपुर। राजस्थान के युवाओं का सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कौशल बढ़ाने के साथ रोजगार सृजित करने के लिए आईटी डे 2023 कार्निवाल का आज दूसरा दिन है। राजस्थान कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज और जवाहर कला केन्द्र में हो रहे इस कार्निवाल के तहत आज मेगा जॉब फेयर का आगाज होगा, जिसमें 400 कंपनियां भाग लेंगी। जॉब फेयर में आईटी फील्ड, बीपीओ, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम, सिविल, बैंकिंग एंड फाइनेंस, कंसल्टिंग, रिटेल, इलेक्ट्रिकल सहित मल्टी प्रोफाइल से संबंधित अभ्यर्थियों का मौके पर ही साक्षात्कार लेकर चयन किया जाएगा। करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। स्टार्टअप के जरिए इनोवेशन वहीं दूसरी ओर जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है बल्कि कई स्टार्टअप ने भी अपने स्टॉल् लगाए हैं, जो अपने नवाचार की जानकारी यहां दे रहे हैं।

पीने के लिए मिलेगा साफ पानी
17 साल तक आर्मी मेडिकल कोर में 17 साल तक काम करने वाले डॉ जेआर मीणा कार्निवाल में अपना स्टार्टअप शोकेस कर रहे हैं। मीणा ने बताया कि कोविड काल में जब पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ था उस समय उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू किया। केवल दो प्रोडक्ट्स से स्टार्टअप की शुरुआत की आज उनके पास 50 प्राडॅक्ट्स हैं। लाइफस्टाइल डि जीज ने आमजन को बचाने के लिए उन्होंने एल्केलाइन वॉटर आयोटाइजर बनाया। इसके लिए उन्होंने राजस्थान सरकार से भी फंड मिला है। उनका कहना है कि लोगों में आज भी पानी को लेकर जागरुकता नहीं है कि कैसा पानी पिया जाना चाहिए। जिस तरह से गंगा के पानी को शुदृध माना जाता है क्योंकि जहां से गंगा का पानी निकलता है वहां पानी का पीएच 11 के आसपास होता है। कुछ ऐसा ही एल्केलाइन पानी होता है जिसके सेवन से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और यह वजन कम करने में भी सहायक होता है। प्रदर्शनी में इसके तीन मॉडल लेकर आए ने कहा कि मीणा बताते हैं कि आर्मी से मिले सारे फंड को इसमें लगा दिया। वह कहते हैं कि पिछले साल बिडला सभागार में लगे आईटी फेयर में राजस्थान सरकार ने हमें 10 लाख रुपए का फंड दिया था। उनका स्टार्टअप इंडिया से सर्टि फाइड हो चुका है। इसकी डिमांड सरकारी विभागों और अस्पतालों में अधिक है। आरओ का पानी लंबे समय तक इससे कहीं ना कहीं कोई ना कोई बीमारी होने लगती है लेकिन इसके साथ ऐसा नहीं है यह पीएच लेवल पर काम करता है। अगर पीएच लेवल नियंत्रित होता है तो काफी बीमारियों से निजात मिलती है यह उसी सिदृधांत पर काम करता है।

अजोला ग्रोइंग बेड, महंगे चारे की समस्या से निजात
पशु को दिए जाने वाले चारे की कीमत से पशुपालक और किसान परेशान है, ऐसे में अजोला ग्रोइंग बेड उनकी इस परेशानी का परफेक्ट सॉल्यूशन है। जेकेके में चल रही प्रदर्शनी में जयपुर के गजानंद असवाल अपना स्टार्टअप दिशा आॅर्गेनिक साइंस टेक इंडस्ट्रीज से आज प्रदेश के तकरीबन 25 हजार किसान जुड चुके हैं। गजानंद बताते हैं कि वह इसके जरिए पशुओ को दिए जानेवाले हरे चारे और पोष्टिक आहार की समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं, इसके लिए उन्होंने अजोला ग्रोइंग बेड की शुरुआत कुछ साल पहले की थी। अलोला दरअसल पानी में उगने वाला एक फर्न है जिसका उपयोग पशुओं के लिए हरा चारा तैयार करने के लिए किया जा रहा है। इसकी कीमत भी मात्र एक रुपए प्रति किलो में ही है। खासबात यह है कि इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन भी होता है और इसे पशुपालक आसानी से अपने घर में तैयार कर सकते हैं।