12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan New District: ये अधिकारी तय करेंगे नए जिलों का स्वरूप, अशोक गहलोत ने लगाए 15 ओएसडी

Rajasthan New District : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नए जिलों को बनाने का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। गहलोत सरकार ने 15 जिलों के लिए ओएसडी नियुक्त कर दिए हैं। अब इन्हीं अधिकारियों की देखरेख नए जिलों के स्वरूप का खाका खींचा जाएगा।

2 min read
Google source verification
सीएम गहलोत सेना पर अपना बयान वापस लें- तिवाड़ी

सीएम गहलोत सेना पर अपना बयान वापस लें- तिवाड़ी


Rajasthan New District : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नए जिलों को बनाने का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। गहलोत सरकार ने 15 जिलों के लिए ओएसडी नियुक्त कर दिए हैं। अब इन्हीं अधिकारियों की देखरेख नए जिलों के स्वरूप का खाका खींचा जाएगा। इनके निर्देशन में ही जिला प्रशासन का ढांचा तैयार होगा। यह अधिकारी नए जिलों के लिए गठित रामलुभाया कमेटी की सिफारिशों पर नए जिलों का खाका खीचेंगे।

कमेटी की सिफारिशों का परीक्षण करके नए जिलों का स्वरूप तय करने के लिए सभी प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसी आधार पर ही नए जिलों की ढांचागत व्यवस्थाओं के लिए अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। विशेषाधिकारी राजस्व विभाग की देखरेख में ही रामलुभाया कमेटी की सिफारिशों के आधार पर नए जिलों के लिए प्रस्ताव राजस्व मंडल को सौंपेंगे और इन प्रस्तावों के आधार पर ही नए जिलों का गठन होगा।

यह भी पढ़ें : सीएम अशोक गहलोत ने इन 15 अधिकारियों को बनाया नए जिलों का विशेषाधिकारी


ये हैं वो 15 अधिकारी

राजेन्द्र विजय को बालोतरा, हरजी लाल अटल को सांचोर, नम्रता वृष्णि को कुचामन-डीडवाना, खजान सिंह को केकड़ी, शुभम चौधरी को कोटपूतली-बहरोड़, पूजा कुमारी पार्थ को नीमकाथाना, अंजली राजोरिया को गंगापुरसिटी, सीताराम जाट को अनूपगढ़, शरद मेहरा को डीग, डॉ. ओमप्रकाश बैरवा को खैरथल, जसमीत सिंह संधू को फलौदी, प्रताप सिंह को सलूंबर, डॉ. मंजू को शाहपुरा, रोहिताश्व सिंह तोमर को ब्यावर और अर्तिका शुक्ला को दूदू नवगठित जिले में विशेषाधिकारी लगाया गया है।

जयपुर और जोधपुर के नए जिलों पर मौन

जयपुर और जोधपुर में विरोध को देखते हुए कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जयपुर और जोधपुर को दो-दो हिस्सों में बांटकर बनाए गए नए जिलों के लिए कोई विशेषाधिकारी नहीं लगाया गया। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्थानीय विरोध के कारण फिलहाल इन दोनों जगहों को लेकर क्या सरकार ने चुप्पी साध ली है या सरकार का कुछ और प्लान है।