
आरोपी दर्शन
Jaipur News : वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में बीस-बीस लाख रुपए में लाए गए डमी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। एसओजी ने ऐसे ही एक मध्यस्थ को गिरफ्तार किया है, जो खुद ग्राम विकास अधिकारी (VDO) है और इसने परीक्षा में कई डमी उपलब्ध कराए थे। गिरफ्तार ग्राम विकास अधिकारी को 17 सितम्बर तक रिमांड पर लिया है। एसओजी अब चार डमी अभ्यर्थियों को तलाश रही है।
गिरफ्तार वीडीओ दर्शन कुमार मीणा पुत्र रामप्रयाग मीणा (36) करौली के मामचारी स्थित गांव अस्थल निवासी है। वह वर्ष 2018 से पाली के मांडा पंचायत में कार्यरत है।
एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि आरपीएससी की ओर से दर्ज मामले में पड़ताल के बाद चयनित अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा निवासी काचरोदा, सपोटरा व सुरत राम मीणा निवासी बरनाला, बामनवास को गिरफ्तार किया गया था। परीक्षा दो पारियों में हुई थी। दोनों के स्थान पर चार डमी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। अनिल व सुरत राम मीणा ने अपने स्थान डमी से परीक्षा दिलाने के लिए दर्शन लाल मीणा से सम्पर्क किया था।
दर्शन ने परीक्षार्थी अनिल से 20 लाख व सुरत राम से 15 लाख रुपए में सौदा तय किया। उसने परीक्षा के लिए चार डमी उपलब्ध कराए और कागजों में हेरफेर कर परीक्षा भी दिलवा दी। अनिल व सुरत वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान विषय) के पद पर चयनित हो गए। रिकॉर्ड सत्यापन में गड़बड़ी पकड़ी गई तो आरपीएससी ने दिसम्बर 2023 में मामला दर्ज करवाया था। एसओजी ने अनिल को चार सितंबर और सुरत को पांच सितम्बर को गिरफ्तार किया। ये आरोपी पन्द्रह सितम्बर तक रिमांड पर हैं।
अनुसंधान अधिकारी प्रकाश कुमार शर्मा तीनों आरोपियों से आमने-सामने बिठा कर पूछताछ कर रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि डमी अभ्यर्थी उपलब्ध कराने वाला गिरोह है। दर्शन ने नौ लाख रुपए बीच में रखे थे। बाकी रुपए उसने किसी और को दिए थे। पुलिस उस मध्यस्थ के साथ चार डमी को तलाश रही है।
Published on:
12 Sept 2024 10:00 am

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