3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान : पेंशनर्स को बड़ी राहत, सरकार का फैसला सहकारी दवा उपभोक्ता भण्डारों पर मिलेगी सभी दवाइयां

Rajasthan Pensioners Medical New Rules : राजस्थान में पेंशनर्स ( Rajasthan Pensioners ) के लिए जरूरी खबर है। राज्य के पेंशनर्स को अब सहकारी दवा उपभोक्ता भण्डारों ( Raj Cooperative Medical Shops ) पर सभी दवाइयां मिल सकेगी।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

rohit sharma

Jul 19, 2019

MEDICINE

राजस्थान : पेंशनर्स को बड़ी राहत, सरकार का फैसला सहकारी दवा उपभोक्ता भण्डारों पर मिलेगी सभी दवाइयां

जयपुर. राजस्थान में पेंशनर्स ( Rajasthanpensioners ) के लिए जरूरी खबर है। राज्य के पेंशनर्स को अब सहकारी दवा उपभोक्ता भण्डारों पर सभी दवाइयां मिल सकेगी। पेंशनर्स को अब दवाइयों के लिए निजी दवा दुकानों के झंझट में नहीं पड़ना होगा।

राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) के सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के पवन ने राज्य के सभी सहकारी दवा उपभोक्ता भण्डारों ( Co-operative medical stores ) को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के तहत पेंशनर्स को आवश्यक सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएगी। 20 जुलाई से सभी दवा भण्डारों पर पेंशनर्स को दवाइयां उपलब्ध होना प्रारंभ हो जाएगा।

रजिस्ट्रार पवन ने बताया कि सभी दवा भण्डारों ( Medical Stores ) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि पेंशनर्स को किसी प्रकार की समस्या नही आनी चाहिए उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि अति आवश्यक होने पर ही एनएसी ( NSC ) जारी की जाए। राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि पेंशनर्स को सहकारी दवा भण्डारों पर आवश्यक सभी दवाइयां समय पर उपलब्ध हो।

उन्होंने बताया कि कैंसर , किड़नी, डायबिटीज , हृदय से संबंधित गंभीर प्रकार बीमारियों की दवाइयां सहकारी दवा भण्डारों पर पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि संबंधित सभी अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है कि दवा भण्डार पर अतिआावश्यक दवााइयों की कमी नही आनी चाहिए।

मिलावट रोकने के लिए सरकार का सख्त कदम

वहीं, राजस्थान में सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थ और नकली दवाइयों के काराबोर को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाई बनाने एवं बेचने के दोषी पाये जाने वाले व्यक्तियों को सजा के प्रावधान को संशोधित करते हुए गैर जमानती और आजीवन कारावास की सजा प्रस्तावित की जा रही है।

साथ ही प्रदेश की करीब साढ़े सात करोड़ जनता को विधिक रूप से स्वास्थ्य का अधिकार देने के लिए प्रदेशवासियों को ‘राइट टू हेल्थ’ कानून लाने की प्रक्रिया भी जारी है।

Rajasthan से जुडी अन्य खबरों के लिए यहां Click करें

Story Loader