
file photo
जयपुर। राजस्थान में सफाईकर्मी भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर चल रहे विवाद का अंत हो गया है। रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सांसद मंजू शर्मा और विधायक कालीचरण सराफ ने मुलाकात की और स्थिति से अवगत कराया।संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ की मांग मानने के बाद अब सफाई कर्मचारी सोमवार से काम पर लौट आएंगे।
विधायक सराफ ने बताया कि जयपुर को छोड़कर अन्य निकायों में सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं, जयपुर नगर निगम में संविदा आधार पर भर्ती की जाएगी, जैसा कि संघ ने सरकार से अनुरोध किया था।
राजधानी जयपुर के दोनों नगर निगमों में करीब चार हजार सफाईकर्मियों की भर्ती होनी है, जबकि अब तक केवल 1500 अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसीलिए सफाईकर्मियों का एक धड़ा अनुभव प्रमाण पत्र में शिथिलता देने की मांग कर रहा था।
संघ के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि वर्ष 2012 की भर्ती में सफाई और सीवर काम करने वालों को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है।
नगर निगम के पूर्व चेयरमैन कमल वाल्मीकि ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का वाल्मीकि समाज को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने की बात कही थी, लेकिन अनुभव प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना, तो उन्हें सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करना पड़ेगा।
अब, राजधानी में इन चार हजार पदों के लिए तीन गुना लॉटरी निकाली जाएगी। ये सभी कर्मचारी एक वर्ष के लिए संविदा पर काम करेंगे और बाद में चार हजार कर्मचारियों को स्थायी कर दिया जाएगा। घाटगेट स्थित निगम कार्यालय के बाहर आयोजित महापंचायत में प्रदेश भर से वाल्मीकि समाज के नेता जुटे। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक डंडोरिया ने कहा कि अनुभव प्रमाण पत्र में छूट और 100 फीसदी वाल्मीकि समाज को रोजगार देने की बात हुई है। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात की और सोमवार को नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात करेंगे।
Published on:
02 Dec 2024 08:43 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
