20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में जल्द ही होगा 2000 मेगावाट का सोलर पार्क, लिग्नाइट पावर प्लांट पर भी रहेगा जोर

राजस्थान में जल्द ही 2000 मेगावाट (MW) का सोलर पार्क (Solar Park) होगा, छाबड़ा और कालीसिंध में नए बिजली संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने यह जानकारी दी है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Amit Purohit

Feb 05, 2023

rajasthan_power_plant.jpg

प्रतीकात्मक तस्वीर।

राजस्थान में कोयले की किल्लत के कारण बिजली का भारी संकट खड़ा हो गया है। अब राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिग्नाइट आधारित बिजली संयंत्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। सरकार ने एक आदेश जारी कर राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके शर्मा का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता 2000 मेगावाट के सोलर पार्क के साथ-साथ राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में कालीसिंध नदी के पास नए बिजली संयंत्र स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।

इसी तरह छाबड़ा में 600-600 मेगावाट के अल्ट्रा-सोलर क्रिटिकल प्लांट लगाए जाएंगे । वही 800 मेगावॉट का अल्ट्रा सोलर पावर प्लांट झालावाड़ क्षेत्र के कालीसिंध में भी लगाया जाना है। इसी तरह लिग्नाइट आधारित पावर प्लांट लगाने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों कोयले के संकट के बीच राजस्थान को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ा था। ऐसे में राजस्थान में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध लिग्नाइट पर ध्यान है। अगर राजस्थान में लिग्नाइट आधारित बिजली संयंत्र लगाए जाते हैं, पावर प्लांट में उत्पादन को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उत्पादन निगम इस दिशा में प्राथमिकता से काम कर रहा है।

पिछले साल दिसंबर में राजस्थान के बिजली मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा था कि राज्य को जरूरत के मुताबिक कोयला नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण राज्य में बिजली कटौती की समस्या हो रही है। उन्होंने कहा था कि हमें ओडिशा से जो कोयला मिलता है, वह न केवल बहुत दूर है, बल्कि गुणवत्ता में भी अच्छा नहीं है। साथ ही, हम छत्तीसगढ़ में जनता के आक्रोश के कारण कोयला खनन नहीं कर पा रहे हैं।