
वनरक्षक भर्ती परीक्षा- ज्वैलरी पहन कर आना पड़ा भारी, तलाशनी में पड़ी सुरक्षित रखने की जगह
जयपुर। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को वनपरक्षक भर्ती परीक्षा की शुरुआत सुबह 10 बजे से हुई। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से को वनरक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश में 5057 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं परीक्षा का आयोजन 2300 पदों के लिए हो रहा है। बोर्ड की ओर से जारी की गई गाइडलाइन को देखते हुए परीक्षार्थियों ने सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आरंभ होने से आधा घंटा पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्देश दिए थे कि वह परीक्षा आरंभ होने के निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। ऐसे में जो परीक्षार्थी देरी से पहुंचे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। बोर्ड ने मास्क पहन कर आने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी बिना मास्क के ही परीक्षा में शामिलहुए।
चार पारियों में होगी परीक्षा
दो दिन चलने वाली इस परीक्षा का आयोजन चार पारियों में किया जा रहा है। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 16 लाख 36 हजार 516 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 3 लाख 20 हजार से ज्यादा अकेले जयपुर शहर में हैं। शनिवार को पहले दिन दो पारियों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पारी में दोपहर में दूसरी पारी में 2.30 बजे से 4.30 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर के अतिरिक्त यह परीक्षा अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर,जोधपुर,कोटा, उदयपुर, बूंदी, बारां, झालावाड़, पाली, धौलपुर,सीकर, झुंझुनू, नागौर, दौसा, सवाईमाधोपुर,चूरू, चित्तौडगढ़़, राजसमंद, हनुमानगढ़ और प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
ड्रेस कोड निर्धारित
बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया था, पुरुष परीक्षार्थियों के पूरी बांह की शर्ट और जूते पहनने पर रोक लगाई गई थी। अधिकांश परीक्षार्थी आधी आस्तीन की शर्ट टी शर्ट व पेंट तथा हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आए थे। वहीं महिला परीक्षार्थी सलवार सूट, साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता,आधी आस्तीन का ब्लाउज और हवाई चप्पल यानि स्लीपर पहनकर आई। उनके चूडिय़ां और जेवरात पहनने पर भी रोक थी। जिसके चलते कई परीक्षार्थियों को अपने गहने परिजनों को देने पड़े।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
परीक्षा में अभ्यर्थी केंद्र पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कि मोबाइल,ब्लूटूथ,कैलकुलेटर भी नहीं ला सकते हैं। ऐसे में अगर इनमें से कोई भी वस्तु अगर अभ्यर्थी के पास मिली। तो उसके खिलाफ अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 1992 के तहत कार्रवाई होगी। वहीं परीक्षा के दौरान नकल और धांधली करने पर राजस्थान में नकल के खिलाफ बने कानून के तहत सजा के साथ आरोपी की सम्पति सीज कर उससे जुर्माने वसूला जाएगा। नकल करने या नकल करवाने का प्रयास करने, परीक्षा के दौरान केंद्राधीक्षक, सहायक केंद्राधीक्षक, सतर्कता दल को धमकी देने,खुद के बारे में गलत सूचना देना, अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा में बिठाने को इसी अधिनियम के तहत अपराध माना जाएगा।
Published on:
12 Nov 2022 10:27 am
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