जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में रविवार को छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी के पदभार ग्रहण समारोह में पहुंचे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला। मलिक ने कहा कि आरक्षण में किसी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। जो छेड़छाड़ करेगा वो सत्ता से जाएगा। उन्होंंने कहा कि सरकार को ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को तुरंत दूर करना चाहिए। उन्होनें कहा कि राज्य सरकार गुर्जर आरक्षण के मामले को भी नजरअंदाज कर रही है।वहीं राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए भाजपा नेताओं को लोगों के बीच जाकर काम करने की सलाह दी। मंच से उन्होंने किसानों के आंदोलन से लेकर ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों और युवाओं की समसयाओं पर अपनी बात रखी।
पीएम के लोग देते थे रिश्वत के ऑफर-मलिक
मलिक ने कहा कि देश में कई तरह लड़ाई शुरू हो चुकी है। किसानों से लेकर युवाओं में बेरोजगारी को लेकर आक्रोश है। अग्निवीर योजना का विरोध किया जा रहा है। किसानों के बच्चों को सेना में जाने से रोकने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 750 किसानों की मौत पर किसी को कोई चिंता तक नहीं हुई। उस समय मुझसे रहा नहीं गया। मैं इस्तीफा लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास पहुंचा था। मैंने प्रधानमंत्री को किसानों से बात करने का निवेदन किया, लेकिन वे इतने घमंड में थे कि किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान चले जाएंगे, लेकिन मैंने कहा कि किसानों से पहले आप न चले जाओ। बाद में उन्हें किसानों से माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल रहते हुए उनके पास रिश्वत के ऑफर आते थे, वे प्रधानमंत्री के ही लोग थ और सीबीआई मुझसे पूछताछ करने पहुंची तो मैंने यह बात उन्हें बता दी।
धर्म के आधार पर अब नहीं जीत सकेंगे चुनाव-मलिक
मीडिया से बात करते हुआ मलिक ने कहा अगर किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिला तो किसान एक बार फिर से सडक़ पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर उनका कहना था कि राहुल गांधी कम से कम यात्रा तो निकाल रहे हैं लेकिन जो लोग सत्ता में बैठे हुए वे क्या कर रहे हैं, कुछ भी नहीं कर रहे अगर यही हाल रहा तो एक दिनों अपने महलों से बाहर आ जाएंगे उनका यह भी कहना था कि इस बार का चुनाव धर्म मजहब के आधार पर नहीं लड़ा जाएगा जो यह सोच रहे हैं कि वह मंदिर और धर्म के नाम पर चुनाव जीत लेंगे उनकी गलतफहमी है।
उन्होंने कहा कि गवर्नरशिप तो आती जाती रहती है मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि एक समय था जबकि इंदिरा गांधी के लिए कहा जाता था कि वह सत्त्ता से नहीं जा सकती लेकिन उनको जाना पड़ा इसलिए अब आप भी जाएंगे।
वहीं लाडंनू विधायक मुकेश भाकर का कहना था कि उन्होंने पहले स्टूडेंट लीडर के रूप में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए आवाज उठाई थी और अब विधायक के रूप में आमजन की आवाज हैं फिर सामने कितनी भी बड़ी शक्ति ही क्यों ना हो। भाकर ने निर्मल की तारीफ करते हुए कहा कि जब कोरोना के समय लोग अपने घर में बंद थे निर्मल ने जान की परवाह किए बिना घर घर जाकर लोगों की मदद की। भाकर बोले जिस दिन आमजन के लिए काम करना छोड़ दूंगा उस दिन राजनीति छोड़ दूंगा।