
एमएसएमई मंत्री मांझी ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत में बेरोजगारी ज्यादा
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माना है कि राजस्थान के मार्बल उद्योग को सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे इस उद्योग की समस्याएं जानने के लिए ही उदयपुर के मार्बल उद्यमियों के बीच आईं हैं। इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री जीतनराम मांझी ने स्वीकार किया कि भारत में अन्य देशों की तुलना में बेरोजगारी अधिक है।
सीतारमण और मांझी ने सिडबी की ओर से आयोजित मार्बल क्लस्टर की एमएसएमई इकाइयों से चर्चा के दौरान यह बात साझा की। मंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय बजट की घोषणाओं को जमीन पर लाने से पहले सरकार का ये मानना है कि संबंधित क्षेत्र के लोग इसे किस तरह देखते हैं, इस बारे में सरकार स्टैक होल्डर्स के बीच जाकर उनकी राय जानना चाहती है। इसकी शुरुआत उदयपुर से की है।
माइक्रो अर्थ व्यवस्था को मजबूत करें
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री मांझी ने कहा कि माइक्रो अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई का 30 प्रतिशत योगदान है। इससे 22.6 लाख करोड़ रुपए का एमएसएमई क्रेडिट मिल रहा है।
बैकिंग पहुंच बढ़ाकर विकसित भारत संकल्प को करें साकार : वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग की पहुंच बढ़ाते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया। वहीं, सरकार की योजनाओं का आमजन तक लाभ पहुंचाने के लिए बैंक के सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल बढ़ाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
वित्त मंत्री सीतारमण ने पश्चिम व मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की समीक्षा बैठक ली। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के चेयरमैन और प्रायोजित बैंकों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की समीक्षा बैठक में बैंकिंग क्षेत्र में आ रहीं चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव एम नागराजू, अपर सचिव एमपी तंगीराला सहित नाबार्ड के चेयरमैन के बी शॉ, आरबीआई के कार्यपालक निदेशक जयंत कुमार दास, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी देवदत्त चांद, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक निधू सक्सेना, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी ने अपने-अपने बैंकों की प्रगति रिपोर्ट पेश की।
बैठक में नाबार्ड, सिडबी, बैंक आफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ़ इंडिया के नौ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अधिकारियों के साथ ही पश्चिम मध्य क्षेत्र के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, विदर्भ कोंकण ग्रामीण बैंक, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, बड़ौदा गुजरात ग्रामीण बैंक, मध्यांचल ग्रामीण बैंक, मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, सौराष्ट्र ग्रामीण बैंक, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक के अध्यक्षों ने भाग लेकर अपने-अपने बैंकों की प्रगति रिपोर्ट और आगामी कार्ययोजना से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया।
Updated on:
24 Aug 2024 06:14 pm
Published on:
24 Aug 2024 06:04 pm
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