
सर्दियों में रेकॉर्ड बिजली डिमांड 16500 मेगावाट का अनुमान, यूपी से 1500 मेगावाट लेंगे बिजली
जयपुर। कोयला संकट से जूझ रही बिजली कंपनियों की सर्दियों में संभावित बिजली डिमांड ने चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में नवम्बर से फरवरी के बीच रबी सीजन रहेगा और इस दौरान अधिकतम बिजली डिमांड 16500 मेगावाट तक पहुंचने का आकलन किया गया है। ऊर्जा विकास निगम का पूर्वानुमान सही रहा तो प्रदेश में पहली बार होगा जब बिजली की रेकॉर्ड डिमांड होगी। इस स्थिति को देखते हुए निगम ने अतिरिक्त बिजली लेने की व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। उत्तरप्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों से 1500 मेगावाट बिजली बैंकिंग प्रक्रिया के तहत ली जाएगी। नवम्बर से अगले साल फरवरी के बीच बिजली लेंगे। यहां से बिजली खरीदने की बजाय बैंकिंग के रूप में ली जाएगी, यानी जितनी बिजली लेंगे, उतनी लौटानी होगी। सूत्रों के मुताबिक ऊर्जा विभाग ने ऊर्जा विकास निगम और तीनों विद्युत वितरण कंपनी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
यहां से भी खरीद शुरू
- कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड से अनुबंधित 380 मेगावाट बिजली खरीद फिर से शुरू की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित दर पर बिजली खरीद कर रहे हैं।
-एक्सचेंज से 300 मेगावाट तक बिजली लेने की प्लानिंग को अंतिम रूप दे रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री जता चुके हैं चिंता
ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी पिछले दिनों जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कह चुके हैं कि बिजलीघरों में कोयलाे का स्टॉक सीमित है और आगामी माह में बिजली खपत बढ़ेगी। नए सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन में भी समय लगेगा। ऐसे में डिमांड के अनुपात में बिजली उत्पादन की चिंता बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने बिजली कंपनियों की ओर से हरसंभव स्तर पर व्यवस्था करने की बात कही।
4 माह में लौटाएंगे
उत्तरप्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों से जितनी बिजली लेंगे, उसे अगले वर्ष जून से सितम्बर के बीच लौटाएंगे।उसी दौरान यूपी में बिजली डिमांड ज्यादा रहती है। भले ही उस समय बिजली खरीद कितनी ही क्यों ना हो।
Published on:
16 Oct 2022 06:56 pm
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