
मुकेश शर्मा / जयपुर। राजस्थान में रीट परीक्षा का पेपर जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से ही लीक किया गया था। पेपर की सुरक्षा व बंटवाने वाली जिला कॉडिनेटर की टीम में शामिल एक स्कूल-कॉलेज संचालक ने शिक्षा संकुल में 24 सितम्बर रात 8 बजे ही रीट पेपर चुरा लिया था। इसके लिए 2 करोड़ रुपए से अधिक में सौदा तय हुआ था। पेपर खरीदने वाले गिरोह से 1.22 करोड़ रुपए भी ले लिए थे।
राजस्थान एसओजी ने शिक्षा संकुल से पेपर चोरी करने के मामले में 26 जनवरी को स्कूल-कॉलेज संचालक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से कई अहम खुलासे हुए हैं, लेकिन एसओजी ने अभी मामले में कई परतों का खुलासा नहीं किया है।
एसओजी-एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ ने बुधवार को प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि जगन्नाथपुरी निवासी रामकृपाल मीणा और जालोर के रणोदर स्थित चितलवाना निवासी उदयराम विश्नोई को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि रामकृपाल मीणा की गोपालपुरा स्थित त्रिवेणी नगर शिव शक्ति पब्लिक स्कूल और कॉलेज है। एडीजी राठौड़ ने बताया कि गिरोह से पेपर लेने वाले सभी अभ्यर्थियों को पता लगाकर गिरफ्तार करेंगे और अयोग्य घोषित करवाएंगे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
सात चेन में एक भजनलाल
एसओजी सूत्रों के मुताबिक, आरोपी रामकृपाल मीणा ने शिक्षा संकुल से पेपर चोरी करने के बाद उदयराम विश्नोई को दिया। उदयराम विश्नोई ने भजनलाल विश्नोई को पेपर दिया था। एसओजी भजनलाल से पेपर लेने वाले गिरोह के लोग व अभ्यर्थियों में से 33 को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी उदयराम ने अपने एक साथी के जरिए राजस्थान में सात लोगों को रीट पेपर दिया। इन सात लोगों ने किस-किस को पेपर बेचा। अभी इसका खुलासा होना शेष है।
पहले भी कर चुका पेपर लीक
एसओजी के एडीजी राठौड़ ने बताया कि स्कूल-कॉलेज संचालक पहले भी कई प्रतियोगिता परीक्षा से पहले पेपर लीक कर चुका है। वहीं उदयराम विश्नोई के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
Published on:
27 Jan 2022 09:34 pm

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