जयपुर. जवाहर सर्कल थाना पुलिस ने गिरफ्तार रितिक बॉक्सर को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे आठ दिन के रिमांड पर सौंपा। गौरतलब है कि jaipur crime राजधानी में एक के बाद एक कर 8 रसूखदारों से रंगदारी मांगने और नहीं देने पर जी क्लब पर अंधाधुंध फायरिंग करवाने वाला एक लाख रुपए का इनामी वांटेड Ritik Boxer रितिक बॉक्सर (Nepal ) नेपाल में चाइना Border बॉर्डर पर छिपा हुआ था। राजधानी से एक भी मामले में रंगदारी के रुपए नहीं मिलने पर वांटेड जयपुर में फायरिंग करवाने लौट रहा था। police commissioner जयपुर कमिश्नरेट पुलिस के पास करीब दस दिन से वांटेड की सटीक जानकारी थी। पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि चाइना बॉर्डर से वांटेड भारत बॉर्डर की तरफ लौट रहा था। यह पुख्ता सूचना मिली कि वांटेड नेपाल की वीरगंज सीमा क्षेत्र से भारत की रक्सौल सीमा क्षेत्र में आएगा। जयपुर से पुलिस टीम पहले से रक्सौल सीमा पर पहुंच गई। शनिवार देर शाम को वांटेड बॉक्सर रक्सौल सीमा पर पहुंचा, तभी उसे करीब 800 मीटर पीछा करने के बाद पकड़ लिया। आरोपी को अभी जी क्लब पर अंधाधुंध 17 राउंड फायरिंग कर 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया।
राजस्थान में कहीं पर भी शूटर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि वांटेड बॉक्सर को जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2019 में जयपुर के शिप्रापथ थाना पुलिस ने मारपीट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। जेल में Lawrence Bishnoi लॉरेंस के गुर्गे सम्पत नेहरा से संपर्क हुआ। सम्पत ने लॉरेंस विश्नोई उसके भाई अनमोल विश्नोई व रोहित गोदारा से संपर्क करवाया। गैंगस्टर सम्पत कई वर्षों से जेल में बंद है और रोहित गोदारा पंजाब में मूसेवाला हत्याकांड के बाद विदेश भाग गया। गैंग के लिए राजस्थान में जमीनी स्तर पर शूटर उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी उसकी थी। आरोपी ही रसूखदारों ी पहचान कर लॉरेंस व रोहित गोदारा तक उनके नंबर पहुंचाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि पंजाब में मूसेवाला हत्याकांड के बाद जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई से संपर्क नहीं हुआ। हनुमानगढ़, बीकानेर व जयपुर में रंगदारी के लिए फायरिंग के लिए शूटरों की उसी ने व्यवस्था की थी। आरोपी बॉक्सर के खिलाफ जयपुर में वसूली के 8 मुकदमों सहित प्रदेश में 12 मुकदमे दर्ज हैं।
ताज महल घूमकर पशुपति नाथ के दर्शन किए
एडिशनल डीसीपी रामसिंह ने बताया कि आरोपी ने पूछताद में बताया कि करीब 24-25 नवम्बर को पुलिस से बचते हुए नेपाल पहुंच गया था। आरोपी गंगानगर के घड़साना भागा। बीकानेर फिर जयपुर होते हुए आगरा पहुंचा। आगरा में ताजमहल घूमने के बाद लखनऊ, गौरखपुर, रक्सौल होते हुए नेपाल पहुंचा। पशुपति नाथ दर्शन कर तीन से चार दिन तक एक गेस्ट हाउस में ठहरा। फिर नेपाल में चाइना बॉर्डर पर जाकर गेस्ट हाउस बदलते हुए रहा। रुपयों की कमी आने पर रंगदारी वसूलने के लिए वापस लौट रहा था। रामसिंह ने बताया कि रितिक बॉक्सर की गिरफ्तारी एक कठिन ऑपरेशन था, जिसमें पग-पग पर अरचन थी।
जयपुर में मांगी थी 7 रसूखदारों से 25 करोड़ रंगदारी
गैंग ने जयपुर में अलग-अलग थाना क्षेत्र में रहने वाले जी-क्लब संचालक सहित 7 रसूखदारों को वाट्सऐप व इंटरनेट कॉल कर करीब 20 से 25 करोड़ रुपए रंगदारी मांगी थी।
फिर भागता फर्जी पासपोर्ट से विदेश
आरोपी रितिक बॉक्सर ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसकी वांटेड रोहित गोदारा व अन्य साथियों बात हो गई थी मोटी रंगदारी मिलने के बाद वह भी विदेश आ जाएगा। वांटेड गोदारा उसका फर्जी पासपोर्ट बनाने की जुगत में लगा था।
हवाला व ऑनलाइन मंगवाई रकम
नेपाल में फरारी काटने के लिए आरोपी रितिक बॉक्सर के पास हवाला से और ऑनलाइन रकम पहुंच रही थी। वहां पर अब तक फरारी काटने में करीब 3 लाख रुपए नेपाली मुद्रा खर्च कर चुका था। वह नेपाल के कई पर्यटन स्थलों पर घूमने गया था।
इस टीम की रही महत्सपूर्ण भूमिका
एडिशनल कमिश्नर कैलाश चन्द्र विश्नोई ने कहा कि वांटेड रितिक को पकडऩे के लिए दिन-रात मेहनत करने व नेपाल जाने वालों में एडिशनल डीसीपी रामसिंह शेखावत के नेतृत्व में एसीपी चिरंजीलाल मीना, खलील अहमद, निरीक्षक चन्द्र प्रकाश, उपनिरीक्षक राजेश कुमार, एएसआई महेन्द्र सिंह, कांस्टेबल रामकेश मीना, जयपाल चौधरी, रवि शंकर मीना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।