
विकास जैन / जयपुर। रेलवे की ओर से आयोजित आरआरबी—जेइएन—सीएमएस सीबीटीवन परीक्षा ( RRB JE CBT 1 exam) में न्यूनतम गुणवत्ता अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को सीबीटीटू परीक्षा के लिए अवसर दिए जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने उत्तर पश्चिम रेलवे ( North Western Railway ) के जवाहर सर्किल स्थित मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
इनका कहना था कि इस परीक्षा में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े और तकनीकी क्षेत्र की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं किया गया। इस संबंध में इन अभ्यर्थियों ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि इसी माह 13 अगस्त को इसका परिणाम जारी किया गया। परिणाम जारी होने के बाद 70 प्रतिशत अभ्यर्थी परेशान हो गए। क्योंकि सीबीटू परिणाम का कट ऑफ अत्यधिक गया है।
कट ऑफ अंक अधिक होने का कारण आरआरबी जेईएन सीबीटीवन की परीक्षा करीब 20 लाख अभ्यर्थियों का देना और इनमे से 80 से 90 प्रतिशत छात्रों का ऐसा होना था, जिनकी जिनकी डिग्री तो तकनीकी की है, लेकिन वो नॉन तकनीकी क्षेत्र एसएसजी, सीजीएल सहित अन्य की तैयारी करते हैं। उनके अंक सीबीटीवन में अधिक आ रहे हैं। जबकि सीबीटी वन का सिलेबस पूरी तरह नॉन तकनीकी था। साथ ही इन्हें तकनीकी क्षेत्र भी छोड़े हुए काफी समय हो गया है।
अभ्यर्थियों का कहना था कि जो छात्र तकनीकी क्षेत्र गेट, आईईएस, आरएसयू और जेईएन की तैयारी कर रहे हैं, उनके सीबीटीवन में कुछ अंक कम आ रहे हैं, जिसके कारण वे सीबीटी वन को उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। इससे तकनीकी क्षेत्र मजबूत होते हुए भी इन्हें सीबीटी टू के लिए मौका नहीं मिल रहा है।
Published on:
16 Aug 2019 05:30 pm

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