30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेलवे की भर्ती परीक्षा में हुआ विवाद, अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, रेल मंत्री को लिखा पत्र

Jaipur News : आरआरबी-जेइएन-सीएमएस सीबीटीवन ( RRB JE CBT 1 ) परीक्षा में विवाद, अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, उत्तर पश्चिम रेलवे ( North Western Railway ) मुख्यालय पर जमा हुए अभ्यर्थी

2 min read
Google source verification

विकास जैन / जयपुर। रेलवे की ओर से आयोजित आरआरबी—जेइएन—सीएमएस सीबीटीवन परीक्षा ( RRB JE CBT 1 exam) में न्यूनतम गुणवत्ता अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को सीबीटीटू परीक्षा के लिए अवसर दिए जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने उत्तर पश्चिम रेलवे ( North Western Railway ) के जवाहर सर्किल स्थित मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।

यह भी पढ़ें : मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर खुलकर बोले सीएम गहलोत, बताया मानवता के लिए कलंक

इनका कहना था कि इस परीक्षा में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े और तकनीकी क्षेत्र की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं किया गया। इस संबंध में इन अभ्यर्थियों ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि इसी माह 13 अगस्त को इसका परिणाम जारी किया गया। परिणाम जारी होने के बाद 70 प्रतिशत अभ्यर्थी परेशान हो गए। क्योंकि सीबीटू परिणाम का कट ऑफ अत्यधिक गया है।

यह भी पढ़ें : त्रिमूर्ति सर्किल पर हादसा, रक्षाबंधन के दिन एक बहन से छीना उसका भाई

कट ऑफ अंक अधिक होने का कारण आरआरबी जेईएन सीबीटीवन की परीक्षा करीब 20 लाख अभ्यर्थियों का देना और इनमे से 80 से 90 प्रतिशत छात्रों का ऐसा होना था, जिनकी जिनकी डिग्री तो तकनीकी की है, लेकिन वो नॉन तकनीकी क्षेत्र एसएसजी, सीजीएल सहित अन्य की तैयारी करते हैं। उनके अंक सीबीटीवन में अधिक आ रहे हैं। जबकि सीबीटी वन का सिलेबस पूरी तरह नॉन तकनीकी था। साथ ही इन्हें तकनीकी क्षेत्र भी छोड़े हुए काफी समय हो गया है।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : बीसलपुर लबालब, जयपुर के चार बड़े क्षेत्रों को भी मिलेगा पानी, तीन लाख लोगों को होगा फायदा

अभ्यर्थियों का कहना था कि जो छात्र तकनीकी क्षेत्र गेट, आईईएस, आरएसयू और जेईएन की तैयारी कर रहे हैं, उनके सीबीटीवन में कुछ अंक कम आ रहे हैं, जिसके कारण वे सीबीटी वन को उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। इससे तकनीकी क्षेत्र मजबूत होते हुए भी इन्हें सीबीटी टू के लिए मौका नहीं मिल रहा है।

Story Loader