
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दिन G-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इटली पहुंचे। उसी दिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपने इंग्लैंड दौरे पर रहे। प्रधानमंत्री ने जहां अपने संबोधन में विश्व स्तरीय नेताओं के सामने अपने विचार रखे। वहीं सचिन पायलट ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्पेशल सेशन में स्पेशल गेस्ट के तौर अपनी स्पीच दी। विदेशी धरती पर इन दोनों नेताओं के दौरे और संबोधन पर हिंदुस्तान की निगाहें रहीं।
राजस्थान के पूर्व सचिन पायलट ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संबोधन के दौरान स्टूडेंट्स ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के लोकसभा चुनाव और उसके परिणाम को सवाल पूछे। पायलट के जवाबों में भाजपा और मोदी सरकार निशाने पर रहे। एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि भाजपा को इस बार बहुमत नहीं मिला है और NDA की सीटें भी कम हुई हैं। जबकि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मज़बूत विपक्ष के रूप में खड़ा हुआ है। इसी वजह से देश में भाजपा सरकार ने पिछले 10 सालों में तानाशाही रवैया अपनाया।
पायलट ने मोदी सरकार के नोटबंदी और GST को लेकर लिए फैसलों के अलावा भारत में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। पायलट ने मोदी के 400 पारा के नारे को लेकर भी पलटवार किया।
उन्होंने आशंका जताते हुए ये भी कहा कि भारत में अब गठबंधन की सरकार है। लेकिन ये कितने दिन चलेगी इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। वहीं पायलट ने भारत सरकार पर बेरोज़गारी के असल डेटा छिपाने, केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग होने और राहुल गांधी की छवि खराब करने को लेकर भी निशाना साधा।
हालांकि इन सबके अलावा पायलट ने भारतीय लोकतंत्र की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भारत के चुनाव साबित करते हैं कि देश में लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी हैं।
Published on:
15 Jun 2024 01:19 pm
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