
selling tobacco product
जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के २००३ के आदेश के अनूसार स्कूल, कॉलेज व शैक्षणिक संस्थानों के १०० मीटर दायरे में तंबाकू उत्पाद बैचने पर पूरी तरह प्रतिबंधित लगाया था। लेकिन क्षेत्र की बात करें तो यहां नियम कायदे ताक पर रख वेंडर्स और दुकानदार धड़ल्ले से तंबाकू उत्पाद की बिक्री कर रहे हैं। आलम यह है कि 100 मीटर का दायरा तो दूर कई स्कूल और शिक्षण संस्थानों के बाहर तो 20 मीटर पर ही तंबाकू उत्पादों की बिक्री हो रही है। नियमानुसार अनुसार स्कूल, कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के करीब तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर जुर्माना व सजा दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा उक्त तंबाकू उत्पादों की बिक्री 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को बेचना व उनके जरिए बिकवाना भी वर्जित है। लेकिन क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों के बाहर इसकी पालना नहीं हो रही है। अब इसे चाहे स्थानीय पुलिस की लापरवाही माने या तंबाकू उत्पाद बेचने वालों की मनमर्जी। हकीकत में क्षेत्र के 25 से ज्यादा स्कूल तंबाकू उत्पादों की जद में हैं।
स्कूलो से सटी तंबाकू उत्पाद की दुकानें
क्षेत्र में स्थित स्कूलों के आस-पास का जब राजापार्क पत्रिका ने मुआयाना किया तो 100 मीटर के दायरे से बाहर के नियम की पालना तो कहीं होती नहीं दिखी। वहीं कई जगह तो 50 और 20 मीटर के दायरे में ही तंबाकू उत्पाद बिक रहे थे। चौंकाने वाली स्थित तो यह है कि कुछ स्कूलों की दीवार से सटके ही तंबाकू उत्पाद की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें रामगली नंबर आठ स्थित महर्षि दयानंद कॉलेज व स्कूल और जवाहरनगर सेक्टर - ४ स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल और पंचवटी सर्किल स्थित सरकारी स्कूल शामिल हंै। इसके अलावा आदर्शनगर, आनंदपुरी, एमडी रोड, गोविंदमार्ग सहित कई क्षेत्रों में स्कूलों के सामने तंबाकु उत्पादों की खुलेआम बिक्री हो रही है।
छात्रों पर पड़ रहा गलत असर
इस विषय पर जब स्थानीय लोगों से बात की गई तो सभी ने स्कूल व शैक्षणिक संस्थानों के बाहर पान की दुकान व थड़ी ठैलों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित लगाने पर जो दिया। लोगों ने कहा कि स्कूलों के बाहर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बिकने से छात्रों पर गलत असर पड़ रहा है। जब कोर्ट की ओर से नियम है तो स्थानीय पुलिस को इसे लेकर सख्ती दिखानी चाहिए।
वर्जन
स्कूलों के सामने व आस-पास तंबाकू उत्पाद बिकना गैर कानूनी है, खुलेआम तंबाकू उत्पादकों की बिक्री पर जिम्मेदार महकमों को कार्रवाई करनी चाहिए।
जया सबनानी, शिक्षिका, राजकीय सिंधी उच्च माध्यमिक विद्यालय
स्कूल व कॉलेजों की दीवार से सटे हुए कई थड़ी - ठेले व दुकानों पर गुटखा और खेनी बिक रही है। ये बेहद गंभीर विषय है। एसी का नियम भी है लेकिन सालों से अवहेलना हो रही है।
चित्रा गोयल, एड्वोकेट
बच्चों को तंबाकू सेवन की लत लगने से बचाने व 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को इनसे दूर रखने के लिए २००३ में कानून बना। लेकिन स्कूल के बाहर ही नशीले पदार्थों का बिकना गंभीर मसला है। प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता।
प्रदीपलता माथुर, एड्वोकेट
क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं से १०० मीटर के भीतर तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। कई थड़ी - ठेलों और डेयरी बूथ पर चोरी छुपे बिड़ी, सिगरेट बेची जा रही है। क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों के बाहर संचालित होने वाली ऐसी दुकाने पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
नरोत्तम शर्मा, सीएमएचओ, जयपुर शहर
Published on:
06 Jan 2018 01:01 pm

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